विदिशा। रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के उपलक्ष में बंटी नगर चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर भाजपा द्वारा माल्यार्पण किया एवं श्रद्धांजली अर्पित की इस अवसर पर वरिष्ठ नेताओ ने उनके विचारों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा नेता मुकेश टंडन मौजूद रहे उन्होंने रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के बारे में विस्तार से बताया उन्होंने कहा भारत में पुरुषों के साथ आर्य ललनाओं ने भी देश, राज्य और धर्म, संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर अपने प्राणों की बाजी लगाई है। गोंडवाने की रानी दुर्गावती और झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के चरण चिन्हों का अनुकरण करते हुए रामगढ़ (जनपद मंडला- मध्य प्रदेश) की रानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी ने सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों से खुलकर लोहा लिया था और अंत में भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी थी। वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को मनकेहणी के जमींदार राव जुझार सिंह के यहां हुआ था। 20 मार्च 1858 को इस वीरांगना ने रानी दुर्गावती का अनुकरण करते हुए युद्ध लड़ते हुए अपने आप को चारों तरफ से घिरता देख स्वयं तलवार भोंक कर देश के लिए बलिदान दे दिया।
दुर्गानगर मण्डल के मीडिया प्रभारी सुनील साहू ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुर्गा नगर मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान दिनेश कुशवाहा प्रशांत शर्मा सुनील साहू धर्मेंद्र लोधी नेतराम किरार गोविंद राजपूत दीपक शिल्पकार सुमन सोनी भाग्यश्री विश्वकर्मा सौरभ पटेल खिलान सिंह लोधी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता पार्षद एवं समाज जन मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला मंत्री, लोधी समाज जिला अध्यक्ष अनुज लोधी ने किया