Let’s travel together.

राजस्थान में वसुंधरा राजे को बनाया जा सकता है नेता प्रतिपक्ष, राठौड़, गर्ग और दिलावर के नामों पर भी चर्चा 

84

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया है। गुलाबचंद कटारिया को राज्यपाल बनाए जाने के बाद अब विधानसभा को नया नेता प्रतिपक्ष मिलेगा। इस दौड़ में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम भी चर्चा में हैं।

दलित नेता के तौर पर जोगेश्वर गर्ग और मदन दिलावर का नाम भी चर्चा में हैं। अन्य प्रमुख नेताओं में कालीचरण सराफ और नरपत सिंह राजवी भी सीनियर हैं। गुलाबचंद कटारिया को फ्लोर मैनेजमेंट में महारत हासिल थी। कटारिया सुंदर सिंह भंडारी की अंगुली पकड़कर सियासत में आगे बढ़े। वो राजस्थान में कई सरकारों में मंत्री रहे हैं। भैरोसिंह शेखावत सरकार में मंत्री रहे इसके साथ ही राजे सरकारों में गृहमंत्री समेत विभिन्न पदों पर रहे।

उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व सीएम विजय रूपाणी समेत दिग्गज नेताओं के टिकट काट दिए थे। भाजपा को अपने नए प्रयोग का चुनाव में फायदा भी मिला। गुजरात ने भाजपा में बंपर सीट हासिल की थी। भाजपा आलाकमान ने गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाकर गुजरात जैसे ही सियासी संकेत दिए है। भाजापा यदि गुजरात वाला प्रयोग राजस्थान में करती है तो वसुंधरा राजे समेत 70 प्लस नेताओं के टिकट खतरे में पड़ सकते हैं। हालांकि, पार्टी आलाकमान के लिए वसुंधरा राजे की अनदेखी करना आसान नहीं होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आलाकमान गुजरात वाला प्रयोग राजस्थान में करता है तो दांव उलटा पड़ सकता है। राजस्थान और गुजरात की राजनीतिक स्थिति अलग है। वसुंधरा राजे का सियासी कद रूपाणी से बड़ा है। ऐसे में वसुंधरा राजे की अनदेखी पार्टी आलाकमान नहीं करना चाहेगा।

उल्लेखनीय है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने पॉलिटिक्स में रिटायरमेंट की उम्र 70 साल बताते हुए सियासी गलियारों में नई बहस छोड़ दी थी। उन्होंने 70 साल में रिटायरमेंट की मजबूती से पैरवी करते हुए चुनाव में नई लीडरशिप खड़ी करने की बात कही है। उन्होंने कहा मैंने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने जयपुर में  कहा था कि 70 प्लस नेताओं को राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए। माना जा रहा है कि पूनिया का इशारा वसुंधरा राजे की तरफ था। सतीश पूनिया ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है।
लगता है कि पूनियां के इस फॉर्मूले पर  केंद्र सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। कटारिया को राज्यपाल बनाने से ऐसे संकेत मिले है। पार्टी अब अगर इस फार्मूले पर आगे बढ़ती है तो पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री कालीचरण सर्राफ, वासुदेव देवनानी, नरपत सिंह राजवी के टिकटों पर संकट खड़ा हो सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

विश्व पर्यावरण दिवस पर जनजागरण यात्रा सफल, शीतल परिवार ने जताया आभार     |     नशामुक्ति के नारों के बीच ‘शराब एक्सप्रेस’! गांव-गांव बोतल पहुंचाने वाली बुलेरो पर किसकी मेहरबानी?     |     सिर्फ किशोर दा” में गूंजे किशोर कुमार के अमर नगमे     |     इंदौर में 36 घंटे का अखंड संगीत महोत्सव 13 जून से, कलाकारों और विद्यार्थियों का होगा सम्मान     |     प्रीति चौधरी  85 वर्षीय सास चंद्रो देवी को टब में बैठा सर पर रखकर करा रही पवित्र बृज 84 कोस परिक्रमा     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर सैंकड़ो फलदार पौधों का रोपण     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता का संदेश     |     विश्व पर्यावरण दिवस पर कुंवरगढ़ में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न     |     अनुज शर्मा की चुनावी सभाओं का दिखा सफल परिणाम, भाजपा प्रत्याशियों की प्रचंड जीत     |     ज़रोदा में सुशासन तिहार चार सौ दस आवेदनों का निराकरण     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811