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उज्जैन से हेमेंद्रनाथ तिवारी
दिनांक 23 जनवरी 2023 को सांय बहुत सुन्दर खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन सूर्य अस्त के बाद पश्चिम दिशा में चन्द्रमा, शुक्र ग्रह एवं सबसे सुन्दर ग्रह शनि के साथ दिखाई देंगे। जिसे खगोलीय भाषा में चन्द्रमा- शुक्र शनि युति कहते हैं।
शा. जीवाजी वेधशाला, उज्जैन के अधीक्षक ने बताया किचंद्र-शुक्र और शनि की युति दिनांक 23 जनवरी 2023 को द्वितीया तिथि पर सायन गणना के अनुसार चन्द्रमा कुम्भ राशि में 27 अंश 2 कला पर होगा एवं उसकी क्रान्ति 16 अंश 59 कला दक्षिण होगी. शुक्र ग्रह कुम्भ राशि में 26 अंश 13 कला पर होगा एवं उसकी क्रान्ति 14 अंश 29 कला दक्षिण होगी तथा शनि ग्रह भी कुम्भ राशि में 24 अंश 50 कला पर होगा एवं उसकी क्रान्ति 14 अंश 25 कला दक्षिण होगी। इस प्रकार हम देखते है कि चन्द्रमा के साथ शुक्र एवं शनि ग्रह एक ही राशि में अत्यन्त पास-पास है। साथ सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में हसिए के आकार का चन्द्रमा दिखाई देगा, चन्द्रमा के ठीक नीचे थोड़ा दक्षिण की ओर लट्टू के समान चमकता हुआ शुक्र ग्रह दिखाई देगा शुक्र ग्रह के ठीक नीचे एवं कम चमकदार शनि ग्रह को आप देख सकेंगे। इस दिन चन्द्रमा सायं 7 बजकर 54 मिनिट पर अस्त हो रहा है। अतः यह नजारा आप लगभग 1 घण्टे 30 मिनिट की अच्छे प्रकार से देख सकेगें।
शा. जीवाजी वेधशाला, उज्जैन के अधीक्षक ने बताया कि इस घटना को आप अपने घर से ही बिना किसी साधन के अपनी आंखो से ही बहुत अच्छी प्रकार से देख सकते हैं युति देखने के लिए टेलिस्कोप आदि किसी साधन की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि पास-पास दिखने की स्थिति में भी खगोलीय पिण्ड टेलिस्कोप के दृश्य क्षेत्र से दूरी पर रहते हैं। अधीक्षक शा. जीवाजी वेधशाला, उज्जैन
ने कहा है कि इस घटना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें एवं विद्यार्थियों को किसी खुले स्थान से इस खगोलीय घटना को दिखानेकी व्यवस्था करें।