कराची। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में नकदी संकट आ गया है। विदेशी मुद्रा भंडार 31 महीनों के सबसे निचले स्तर पर है। दिसंबर 2022 के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में सिर्फ दो बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार ही शेष बचा है जबकि देश पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने एक आर्टिकल लिखा है जिसमें उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान पर 100 अरब का कर्ज है। उसमें से 21 अरब डॉलर का कर्ज इसी चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान को चुकाना है। साथ ही अगले तीन वर्षों के दौरान हर साल लगभग 70 बिलियन डॉलर की बड़ी राशि कर्जदाताओं को लौटानी होगी।
इस्माइल ने लिखा है अब से चार साल बाद क्या होगा? क्या हमने अपने देनदारों को करीब 90 अरब डॉलर का भुगतान कर दिया है और केवल 10 अरब डॉलर का ही कर्ज हम पर बकाया है? दुर्भाग्यवश नहीं। अपने उधारदाताओं का कर्ज चुकाने के लिए हमारे पास कोई संसाधन नहीं है। इसके बाद हमें बस एक देनदार से लेकर दूसरे देनदार को चुकाने के लिए उधार लेने की ही कोशिश करनी होगी। पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री ने लिखा है कि अब से चार साल बाद हमें दुनियाभर के कर्जदारों को इस साल के 21 अरब डॉलर से ज्यादा चुकाना होगा और उसके बाद हर साल थोड़ा ज्यादा ही चुकाना होगा। इसके बाद पाकिस्तान अधिक से अधिक कर्ज में डूबता चला जाएगा जब तक कि हम कुछ नया नहीं कर लेते। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि इसलिए हमें अधिक निर्यात करने पर जोर देना चाहिए और करंट अकाउंट सरप्लस चलाना चाहिए।
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