यशवन्त सराठे बरेली रायसेन
माघ मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकट चौथ के रूप मे मनाई जाती है,इसे संकट चतुर्थी,वक्रतुण्ड ,माहीचौथ,ओर तिल कुटा चौथ भी कहा जाता है।
शास्त्रो मे इसे संकट चौथ पर मिट्टी से वने भगवान गौरी गणेश चन्द्रमा ककी पूजा का विधान वताया गया है,साथ ही इस दिन संकट माता की पूजा की जाती है,संकट शब्द का अर्थ है, इस दिन गणपति भगवान ने देवताओ का संकट दूर किया था।

प्रतिवर्ष ग्राम करतौली मे बड़े ही धूमधाम से सतपुड़ा पर्वत मालाओ के मध्य आदिवासी वाहुल्य क्षेत्र मे भगवान तिल कुटिया गणेश की पूजा की जाती है एवं भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
यहां आदिवासी समाज के लोगो के गांव है,मेले मे आदिवासी जाति के लोग भजन कीर्तन एवं नृत्य करते है।आसपास एवं दूरदराज के ईलाको से लोग दर्शन करने आते है खेलखिलौने की दूकाने,हिडोला झूले भी लगते है।

यह मेला 10जनवरी से 11जनवरी तक चलेगा मेले मे कथावाचक कुमारी रानी दीदी बेगमगंज के द्वारा राम कथा एवं भण्डारे का आयोजन भी किया जा रहा है।
भगवान श्री गणेश के मेले मे आमत्रित अतिथि सिलवानी विधान सभा क्षेत्र के विधायक रामपाल सिह राजपूत,जनपद अध्यक्ष ठा.तरवर सिंह मंचासीन थे,एवं कल्याण सिह,नन्दकिशोर उईके,महेन्द्रपुरी गोस्वामी,रमेश सेनी पू. सरपंच,पोहप सिह,रेवाराम,राजाराम,अमान सिह, हरभजन सिह,राजेन्द्र भार्गव,संत प्रकाश दास जी महाराज आदि मेले के आयोजन मे शामिल रहे।
संत प्रकाश दास जी महाराज ने वताया की मेला मे विजली पानी शौचालय,एवं धर्मशाला का अभाव है।