अभिषेक असाटी बकस्वाहा
बक्सवाहा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में मनमर्जी का दौर लगातार जारी है शिक्षक अपनी मनमर्जी से आते है हस्ताक्षर पंजी पर हस्ताक्षर बनाकर घर चले जाते है जब स्कूल के प्रभारी ही ऐसा करेंगे तो स्कूल में अतिथि शिक्षक क्यों पीछे रहें वह भी हफ्ते में एक दिन आते हैं और हस्ताक्षर रजिस्टर पर पूरे हफ्ते के हस्ताक्षर बनाते और घर पर आराम फरमाते हैं।
मामला कुडाजनी स्कूल का जहां शुक्रवार को स्कूल के समय स्कूल के गेट में रोज की तरह ताला डला हुआ मिला जिला जनपद सदस्य करन सिंह ने कुडाजनी स्कूल का शुक्रवार को निरीक्षण किया तो स्कूल में ताला डाला हुआ मिला. वहां स्कूल के प्रभारी कमलेश कुमार सेन, अरविंद चौरसिया, अंकुर श्रीवास्तव अतिथि शिक्षक, इसराइल खान अतिथि शिक्षक अनुपस्थित पाये गये जिसके उपरांत जिला सदस्य ने स्कूल संकुल में लिखित आवेदन देकर स्कूल की जानकारी से अवगत कराया जिसके बाद संकुल प्राचार्य शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा कुडाजनी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और संतोषजनक जवाब ना मिलने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी के लिए जानकारी प्रस्तुत की गई है।
ऎसे मामले एक स्कूल का नहीं है लगभग विकासखंड के प्राथमिक स्कूल हफ्ते में एक या दो दिन ही खोले जा रहे हैं जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है लेकिन प्राथमिक स्कूलों के प्रभारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही यह सोचने का विषय है यहां संकुल प्राचार्य पर प्रश्न चिन्ह लगता है।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी पवन राय का कहना है कि स्कूल में उपस्थित टीचरों के ना मिलने को लेकर मामला सामने आया था जिसको लेकर नोटिस जारी किया गया है और एक-एक दिन का वेतन काट दिया गया है और जांच टीम सीएसी को सौंपी गई है