यातायात पुलिस की सहभागिता से शहर में प्रवेश कर रहे है भारी वाहन,पूर्व में घटित हो चुकी हैं कई घटनाएं
–किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है शहर में भारी वाहनों का नगर में प्रवेश
-कई मामले सामने आने के बाद भी आलाधिकारियों की चुप्पी चर्चा में
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी में यातायात महकमें की हीला हवाली के चलते शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश बड़े पैमाने पर हो रहा है, जो कि किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। आज फिर ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें शहर के भीतर गलत तरीके से आए भारी वाहन को यातायात प्रभारी की गाड़ी में सवार वर्दीधारियों ने रोका। नो एंट्री क्षेत्र में आए उक्त वाहन के स्टाफ और यातायात कर्मियों के बीच कुछ देर चर्चा होने के बाद इस वाहन को शहर से बाहर निकालने के स्थान पर बर्दीधारियों ने इसे शहर के भीतर प्रवेश दे दिया गया जो कि यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करता है। शहर में यातायात पुलिस की लापरवाही के चलते पूर्व में कई घटनाएं भी घटित हुई हैं, जिनमें कई लोगों के अंग भंग हो गए हैं तो कुछ काल के गाल में भी समय चुके हैं। यातायात महकमे के द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर बोलते हुए एक वर्दीधारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि शहर में अवैध तरीके से जो भारी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है, वह सब सेटिंग का खेल है इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता।

यह मामला आया सामने
रविवार की सुबह लगभग 10 बजे एक भारी वाहन नो-एंट्री में प्रवेश कर आया और यह वाहन ग्वालियर बायपास होता हुआ भारतीय विद्यालय रोड से शहर में प्रवेश कर रहा था, इसी दौरान सामने से आ रहे यातायात प्रभारी के बुलेरो बाहन में सवार पुलिसकर्मियों ने उक्त ट्राले को रोक लिया, यहाँ पर ट्राले के स्टाफ और यातायात प्रभारी की गाड़ी में सवार वर्दी धारियों के बीच लगभग 10 मिनट चर्चा हुई, उसके बाद रोके गए इस भारी वाहन ट्राले को पुलिस कर्मियों द्वारा शहर से बाहर ना निकालते हुए इसे शहर के अंदर जाने की परमिशन दे दी गई और उक्त वाहन फर्राटा भरता हुआ के भीतर प्रवेश कर गया। सवाल यहां पर यह उठता है कि अगर इस वाहन की चपेट में आने से शहर के भीतर कोई घटना दुर्घटना घटित हुई होती तो उसका जिम्मेदार कौन होता?
सब सेटिंग का खेल है
शहर के अंदर नागरिकों की जान से खिलबाड़ करते हुए जो भारी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है, उस मामले में दबी जुबान से एक वर्दीधारी द्वारा बताया गया है कि शहर में जिन वाहनों को गलत तरीके से प्रवेश दिया जा रहा है, वह सब सेटिंग का खेल है, इसलिए भारी वाहन बेरोकटोक शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं।
पुलिस के कैमरे उजागर कर देंगे लापरवाही की कहानी
शिवपुरी शहर के विभिन्न चौराहों पर पुलिस विभाग द्वारा कैमरे लगाए गए हैं, अगर पिछले 15 से 20 दिनों की इन कैमरों की ही जांच पड़ताल निष्पक्ष तरीके से कर ली जाए तो यातायात पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर बरती जा रही लापरवाही उजागर होती हुई दिखाई दे तो आश्चर्य न होगा, शहर के आईटीआई, झाँसी तिराहा, गुना वायपास, गांधी पैट्रोल पंप के सामने फतेहपुर रोड, होटल सोनचिरैया रोड, पुराना टोल टैक्स, सर्किट हाउस रोड सहित अन्य कई ऐसे रास्ते हैं जहाँ से यातायात महकमे की मौन सहमति के चलते भारी वाहन नो-एंट्री में प्रवेश करते है।
पूर्व में घटित हो चुकी हैं कई घटनाएं
नो एंट्री क्षेत्र में फर्राटा भरने वाले भारी वाहनों की चपेट में आकर पूर्व में पुराना वायपास क्षेत्र में एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई थी, साथ ही इसके अलावा पिछले समय गुना वायपास क्षेत्र से नो एंट्री में घुसे एक भारी वाहन की चपेट में आने से कई लोग दुर्घटना का शिकार हुए थे, ऐसी तमाम मामले यहां पर सामने आने के बाद भी पुलिस महकमे द्बारा पूर्व में घटित हुई हादसों को अनदेखा कर आंखों पर पट्टी बांधे हुए काम किया जा रहा है जो कि किसी भी दिन बड़ी घटना को सामने ला सकता है।