5 किमी सड़क का निर्माण अब तक नहीं हुआ पूरा, स्कूली बच्चों को रोजाना जोखिम भरा सफर; बारिश में निनोद गांव का संपर्क कटने का भी खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम जमुनिया से निनोद तक 334 लाख रुपए की लागत से बन रही करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क दो साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। निर्माण की धीमी रफ्तार और सड़क पर बिछी गिट्टियां अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। हालात यह हैं कि सड़क से गुजरते समय दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोजाना इसी उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी की ओर से काम पूरा कराने में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य शुरू हुए करीब दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक डामरीकरण सहित अन्य काम पूरे नहीं हुए हैं। कई स्थानों पर सड़क पर सिर्फ गिट्टियां बिछाकर छोड़ दी गई हैं। इन पर बाइक और साइकिल चलाना मुश्किल हो रहा है। वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने से आए दिन गिरने की घटनाएं हो रही हैं। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टियां फैलाने के बाद निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी है।

छह महीने में तैयार हुई सड़क, यहां दो साल से इंतजार
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भेदभावपूर्ण गति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से जमुनिया तक करीब 3.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण बाद में शुरू हुआ था, लेकिन वह महज छह महीने में पूरा कर दिया गया। वहीं जमुनिया से निनोद तक करीब 5 किलोमीटर सड़क दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर निनोद गांव के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। गांव के कई छात्र-छात्राएं प्रतिदिन साइकिल और स्कूटी से पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज पढ़ने आते हैं। स्कूल खुले हुए करीब चार महीने हो चुके हैं और इतने समय से विद्यार्थी गिट्टियों से भरी सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर चुके हैं। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
जमुनिया के पास रिपटा, बारिश में संपर्क कटने का खतरा
ग्रामीणों ने जमुनिया के पास बने रिपटे को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यहां पुलिया का निर्माण होना चाहिए। यदि स्थायी पुलिया नहीं बनाई गई तो बारिश के मौसम में पानी बढ़ने पर निनोद गांव का भोपाल-विदिशा हाईवे-18 से संपर्क कट सकता है। ग्रामीणों ने सड़क के साथ पुलिया निर्माण की मांग भी उठाई है।
ग्रामीणों की पीड़ा
“स्कूल खुले हुए चार महीने हो गए हैं। गांव के सभी विद्यार्थी रोजाना गिट्टियों से भरी सड़क से होकर पीएम श्री स्कूल दीवानगंज पहुंच रहे हैं। कई बच्चे रास्ते में गिरकर घायल भी हो रहे हैं। सड़क जल्द बननी चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।”
— हरिशंकर शर्मा, स्थानीय निवासी, निनोद
इनका कहना है: ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की जांच कराकर ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही जमुनिया के पास पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को रोजाना हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
दीवान सिंह मीणा, स्थानीय निवासी, निनोद