सुनील सोन्हिया की रिपोर्ट
भोपाल। भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी, भोपाल ने उनके साथ बिताए ऐतिहासिक पलों को याद किया। 12 दिसंबर 2012 को सोसाइटी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. कलाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
इस अवसर पर डॉ. कलाम ने “इंडिया विजन 2020 – थ्रो यंग माइंड्स” पुस्तक का विमोचन किया। मंच पर सोसाइटी की चेयरपर्सन डॉ. मोनिका जैन, सचिव डॉ. अनिल सिरवैया, उपाध्यक्ष डॉ. राजीव जैन एवं आशीष डोगरे उपस्थित थे। डॉ. कलाम ने युवाओं के विकास के लिए सोसाइटी के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का आयोजन समन्वय भवन में हुआ था, जहां बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। डॉ. कलाम की सादगी का एक प्रेरक प्रसंग आज भी याद किया जाता है। मंच पर उनके लिए विशेष कुर्सी रखी गई थी, लेकिन उन्होंने उसे हटवाते हुए कहा कि उनकी कुर्सी भी अन्य कुर्सियों जैसी ही होनी चाहिए। उन्होंने हिंदी में “नमस्ते” कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की और विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें संकल्प भी दिलाया। इस दौरान उन्होंने अपनी पांच पुस्तकों का हस्ताक्षरयुक्त सेट डॉ. मोनिका जैन को भेंट किया।
डॉ. राजीव जैन ने कहा कि डॉ. कलाम के साथ मंच साझा करना भोपाल ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उनके विचार, सादगी और युवा पीढ़ी के प्रति समर्पण आज भी मार्गदर्शन करते हैं।