रायसेन। विकासखंड उदयपुरा के कुछ ग्रामों बिजनहाई, सुनहरा, पटना, बम्हौरी घुवारी एवं निवाड़ी के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।शिविर की टीम में डॉक्टर एमडी भारती जिला फ्लोरोसिस नोडल अधिकारी एवं राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम टीम के डॉ राफिया सुल्तान एवं डेंटल सर्जन डॉ चाँदनी जैन के साथ संयुक्त रूप से टीम द्वारा बच्चों का फ्लोरोसिस परीक्षण किया गया।

जिसमें कई बच्चे संभावित डेंटल फ्लोरोसिस से ग्रसित मिले जो बच्चे प्रभावित मिले उनका यूरीन सैंपल टेक्नीशियन के द्वारा लिया गया एवं जो बच्चे जिस स्रोत का पानी पी रहे हैं उनके पानी का सैंपल लिया गया जिनकी जांच जिला फ्लोरोसिस लैब जिला चिकित्सालय में की जाएगी साथ ही सभी संभावित डेंटल फ्लोरोसिस से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर लिया गया एवं आवश्यक उपचार के रूप में टीम द्वारा कैल्शियम विटामिन सी एवं मल्टीविटामिन की दवाइयां उपलब्ध कराई गई । डॉ भारती द्वारा ग्रामीणों एवं स्कूल शिक्षकों तथा बच्चों को विस्तार से फ्लोरोसिस बीमारी के बारे में पेंपलेट पोस्टर के माध्यम से जागरूक किया जिसमें बताया कि फ्लोरोसिस बीमारी तीन प्रकार की हो सकती हे
1 डेंटल फ्लोरोसिस– इसमें बच्चों के पीले पड़ जाते हे एवं आड़ी लाइन आ जाती हे तथा भूरे चितकबरे पड़ जाते हे
2 स्केल्टन फ्लोरोसिस – इसमें लोगों के पैर मुड़ जाते हे तथा चलने में परेशानी होती हे
3 नॉन स्केल्टन फ्लोरोसिस– इसमें वयक्ति को अपच समस्या बनी रहती हे भूख कम लगती हे जी मिचलाता हे

साथ ही फ्लोरोसिस बीमारी से बचने के उपाय बताए गए जिसमें बताया गया कि दवाइयों के साथ-साथ अपने दैनिक जीवन में दूध दही एवं हरी सब्जियों का इस्तेमाल ज्यादा करें एवं पीने के पानी में 1 पीपीएम से ज्यादा फ्लोराइड वाले पानी का इस्तेमाल पीने में ना करें अगर आप 1पीपीएम से ज्यादा फ्लोराइड वाले पानी का इस्तेमाल पीने में करते हे व्यक्ति फ्लोरोसिस से ग्राशित हो सकता हे जिसमें डेंटल फ्लोरोसिस, स्केलटन फ्लोरोसिस एवं नॉन स्केलटन फ्लोरोसिस रोग हो सकते हे इस मौके पर शिक्षक एवं ग्रामीण जनों के साथ स्वास्थ्य विभाग के सीएचओ एएनएम आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ता उपस्थित थे