देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
नगर में सौर ऊर्जा से संचालित आननफानन मे नगर में जगह जगह प्याऊ निर्माण कराये गए थे जिससे लोगों को आसानी से पेयजल उपलब्ध हो सके परन्तु घटिया निर्माण के चलते प्याऊ की जाली गिरना शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार इस नगर को सौर ऊर्जा मय बनाने की बडी जोरशोर से कवायद चलाईं गई थी तथा बिजली की बचत करने एवं सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए करोड़ों रुपए की बलि चढा कर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खंबे खडे कर सौर ऊर्जा से रौशन करने की धींगे मारी गई थी तथा नगर में भी खंबे खडे कर सौर ऊर्जा से नगर को रोशन किया गया था इसके साथ ही नगर मैं अनेक स्थानों पर सौर ऊर्जा से संचालित प्याऊ निर्मित कराये गये थे जिससे नगर वासियो सहित देशी विदेशी पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके परन्तु इनमे से कुछ प्याऊ तो बंद बताई जाती हैं जबकि बसस्टैंड स्थित प्याऊ चल तो रही है परन्तु अपनी घटिया गुणवत्ता के चलते उसमे लगी लोहे की जाली ढहने लगी इस प्याऊ की जाली अचानक ऊपर से दस फिट नीचे गिरी परन्तु यह गनीमत रही कि उस समय कोई प्याऊ के पास नहीं था अन्यथा किसी के ऊपर गिरते ही लोग चोटिल हो। सकते थे इस ओर पलटकर देखने की हिम्मत किसी जिम्मेदार को नहीं रही इससे प्याऊ निर्माण के गुणवत्ता की चर्चा लोगों की जबान पर आ गई वैसे भी इन प्याऊ पर साफसफाई का अभाव बना रहता है इन प्याऊ के निर्माण वर्ष 2023-24 मे कराये गए थे यही हाल नगर भर मे सौर ऊर्जा की लाइट का बना हुआ है अधिकांश स्थानों पर खंबे भी लापता हो चुके है तथा उनपर लगी सौर ऊर्जा की प्लेट भी गायब हो चुकी हैं यही हाल आसपास क्षेत्र में सौर ऊर्जा से जगमगाती रोशनी पूरी तरह अंधेरे में तब्दील हो चुकी हैं हालांकि ऊर्जा विभाग द्वारा सौर ऊर्जा का नागौरी पहाडी पर भारी भरकर प्लांट तो लगा दिया गया परन्तु इससे नगर को जो सौर ऊर्जा के सपने दिखाये गए थे वह पूरी तरह चकनाचूर हो कर रह गए हालांकि इस पर सरकार का करोडों रूपये फूंक दिए जाने के बाद भी इस तमाम व्यवस्था की सुध लेने वाला कोई दिखाई नहीं देता है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस नगर को इसके अनुरूप ढालने का जो खाका तैयार किया गया था वह मात्र जेबें भरने तक ही सिमट कर रह गया ।जबकि सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली यह सिटी पहली सिटी के नाम से देशभर में प्रसिद्धि तो पा चुकी परन्तु जमीनी हकीकत मे यह योजना मात्र दिखावा अथवा इस स्थल की वास्विकता स्वयं बयां कर रही है ।तथा इस सौर ऊर्जा की चर्चा आम हो चुकी हैं ।