चाहे रात का अंधेरा हो या बारिश-आंधी, शिकायत मिलते ही मोर्चे पर पहुंचते हैं विद्युतकर्मी
देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
बिजली गुल होते ही कुछ ही देर में उपभोक्ताओं की बेचैनी बढ़ जाती है और लोग बिजली विभाग को कोसने लगते हैं, लेकिन इस व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बिजली कर्मचारी किन परिस्थितियों में काम करते हैं, इस ओर शायद ही किसी का ध्यान जाता है। दिन हो या रात, तेज गर्मी हो या कड़ाके की ठंड और बारिश, विद्युतकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे रहते हैं।
जानकारी के अनुसार विद्युत आपूर्ति में तकनीकी खराबी आने या कहीं विद्युत लाइन में फाल्ट होने की सूचना मिलते ही कर्मचारी मौके पर पहुंचकर खराबी तलाशने और उसे दूर करने में जुट जाते हैं। कई बार बारिश और तेज हवाओं के बीच भी उन्हें विद्युत लाइनों और खंभों पर चढ़कर सुधार कार्य करना पड़ता है। ऐसे में उनकी छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
विडंबना यह है कि उपभोक्ता कुछ देर की बिजली कटौती भी सहन नहीं कर पाते, जबकि विद्युत कर्मचारी कई बार घंटों तक विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए आपूर्ति बहाल करने में लगे रहते हैं। उनकी मेहनत का परिणाम ही है कि खराबी दूर होने के बाद घरों और प्रतिष्ठानों में फिर रोशनी लौट आती है।बिजली की रोशनी के पीछे इन कर्मचारियों का पसीना ही नहीं, कई बार उनकी जान का जोखिम भी जुड़ा होता है।