दीवानगंज क्षेत्र में 90% धान की रोपाई पूरी, 10% खेतों में सोयाबीन की फसल; 10 अगस्त की झमाझम बारिश के बाद आसमान से नहीं बरसी पर्याप्त बूंदें
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में एक बार फिर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब 15 दिनों से क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी कम होने लगी है। आसमान में बादल दिखाई देने के बावजूद कई जगह केवल भुअरें पड़ रही हैं, जिससे किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है। खेतों में खड़ी फसलों को इस समय बारिश की जरूरत है और ऐसे में लगातार बारिश का लंबा अंतराल किसानों की चिंता बढ़ा रहा है।
क्षेत्र में इस खरीफ सीजन में करीब 90 प्रतिशत खेतों में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 10 प्रतिशत क्षेत्र में सोयाबीन की फसल खड़ी है। धान की फसल के लिए खेतों में पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत है। बारिश नहीं होने से किसान लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
10 अगस्त को हुई थी झमाझम बारिश
किसानों के अनुसार क्षेत्र में 10 अगस्त को झमाझम बारिश हुई थी। उस समय खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से किसानों को राहत मिली थी और धान की फसल में भी रौनक लौट आई थी। इसके बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ गया। बीच-बीच में भुअरें जरूर पड़ीं, लेकिन इतनी बारिश नहीं हुई कि खेतों में पर्याप्त पानी बना रह सके।
करीब दो सप्ताह से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण अब खेतों की मिट्टी में नमी कम होने लगी है। किसान कह रहे हैं कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

धान के खेतों में पानी की जरूरत
दीवानगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय बड़ी संख्या में किसान धान की फसल पर निर्भर हैं। धान की रोपाई पूरी होने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि अगस्त के अंतिम दिनों और सितंबर की शुरुआत में मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन बारिश के लंबे अंतराल ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि अभी फसल को संभालने के लिए समय पर अच्छी बारिश जरूरी है। केवल भुअरें पड़ने से खेतों की प्यास नहीं बुझ रही है। यदि इसी तरह बारिश का अंतराल बढ़ता गया तो किसानों को सिंचाई के लिए निजी साधनों पर निर्भर होना पड़ सकता है, जिससे खेती की लागत भी बढ़ेगी।
किसान बोले- अब एक अच्छी बारिश का इंतजार
ग्रामीण किसानों का कहना है कि धान की फसल खेतों में खड़ी है और इस समय बारिश रुकने से चिंता स्वाभाविक है। 10 अगस्त की बारिश के बाद उम्मीद जगी थी कि मानसून लगातार सक्रिय रहेगा, लेकिन अब 15 दिन से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। किसानों को उम्मीद है कि सितंबर की शुरुआत में मानसून फिर सक्रिय होगा और क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी।
अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। खेतों में खड़ी धान की फसल को बचाए रखने के लिए किसान जल्द एक अच्छी और पर्याप्त बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।