स्वतंत्रता के 80 साल बाद भी विकास से अछूता गांव: कीचड़ से भरे रास्ते पर तिरंगा यात्रा निकालने को मजबूर स्कूली बच्चे
अनुराग शर्मा सीहोर
एक तरफ जहां पूरा देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे उत्साह के साथ मना रहा है, वहीं मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अरोलिया परोलिया से विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। इस गांव में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब स्कूली बच्चे देशभक्ति के जज्बे के साथ तिरंगा यात्रा निकालने निकले, तो उन्हें पक्की सड़क न होने के कारण घुटनों तक भरे कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ा।
इस ख़बर ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे छोटे-छोटे बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से फिसलते हुए आगे बढ़ने को मजबूर दिखे। आजादी के अमृत महोत्सव और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यह नजारा बताने के लिए काफी है कि मूलभूत सुविधाएं आज भी कई ग्रामीण इलाकों से कोसों दूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और नाली जैसी प्राथमिक सुविधाओं का अभाव वर्षों से बना हुआ है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि पैदल चलना भी दूभर होता है
गौरतलब है कि इछावर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पिछले 40 वर्षों से विधायक करण सिंह वर्मा कर रहे हैं, जो वर्तमान में सरकार में मंत्री पद पर भी हैं। इतने लंबे कार्यकाल और प्रशासनिक शक्ति के बावजूद क्षेत्र के गांवों की ऐसी स्थिति पर स्थानीय निवासियों में भारी निराशा और आक्रोश है। ग्रामीणों का सवाल है कि चार दशकों का समय बीत जाने के बाद भी आखिर उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो सका?

यह घटना केवल एक सड़क का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि ग्रामीण भारत में जमीनी हकीकत आज भी विज्ञापनों और दावों से कितनी अलग है। क्या आजादी के 80वें वर्ष में भी बच्चों को एक साफ और सुरक्षित रास्ते का अधिकार नहीं मिलना चाहिए? अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्या कदम उठाते हैं