देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन
जैसे ही मौसम का बदलाव हुआ बारिश शुरू होते ही स्तूप पहाड़ी पर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की चहचहाहट के साथ ही वन प्राणियों की उछल कूद पर्यटकों के मनमोह करने लगी इतना ही नहीं स्तूप पहाड़ी ने भी बारिश शुरू होते ही हरियाली चारों ओर बिखर गई स्तूप पहाड़ी का दृश्य मनमोहक बन गया इसके साथ ही पहाड़ी पर चारों ओर से राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरीली आवाज गूजने लगी इतना ही नहीं तब और पहाड़ी का दृश्य मनमोहक बन जाता है जब जगह जगह मोर अपने नृत्य कर पर्यटकों का मनमोह लेते है तब लोग नृत्य करते मोरों के दृश्य अपने मोबाइल कैमरों कैद करते दिखाई दे जाते है इतना ही नहीं वन्य प्राणियों के लिए स्तूप पहाड़ी पूरी तरह से सुरक्षित रहती हैं यही कारण रहता है जब वन्य प्राणी निडर होकर लोगों के समीप पहुंचने से भी नहीं कतराते वैसे तो विभाग द्वारा अपने परिसर में कबूतर खरगोश बदख जैसे पक्षियों के लिए एक क्षेत्र सुरक्षित किया हुआ है जिसमें यह पशु पक्षी विचरते दिखाई दे जाते हैं तब पर्यटक इन पक्षियों को विभिन्न खाद्य पदार्थ खिलाते दिख जाते है इतना ही नहीं इस क्षेत्र के पास पहुचते ही यह पशु पक्षी पर्यटकों की ओर चहचहाते हुए बेफिक्र होकर पहुंच जाते है लगता है मानो वह पर्यटकों से अपने लिए खाने की वस्तुएं मांग रहे हो तब लोग खाद्य सामग्री इन पक्षियों को खिलाकर आनंदित होते दिखाई देते है ।हरियाली से घिरी पहाड़ी पर इन दिनों मोर अपने नृत्य से लोगों का मनमोह रहे है