भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर लगातार हो रहे हादसे, डेढ़ साल में 200 से ज्यादा दुर्घटनाओं का दावा
बालमपुर घाटी में मिनी ट्रक खाई में गिरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब 40 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आए दिन किसी न किसी स्थान पर दुर्घटना सामने आ रही है। गुरुवार को बालमपुर घाटी उतरते समय एक मिनी ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि मिनी ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार मिनी ट्रक क्रमांक एमपी 04 सीबी 3797 बालमपुर घाटी से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। ब्रेक फेल होने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर खाई की ओर चला गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। लेकिन ट्रक पुरी तारा क्षतिग्रस्त हो गया। वह तो गनीमत रही कि उस समय सामने से कोई वाहन नहीं आ रहा था नहीं तो बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती थी। जहां पर ट्रक पलटा है उसी के समीप एक मकान था अगर ट्रक मकान में घुस जाता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
पहले भी पलट चुके हैं कई ट्रक
बालमपुर घाटी पर यह कोई पहला हादसा नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पहले भी कई दर्जन ट्रक और अन्य भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट चुके हैं। घाटी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर वाहन चालकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

वर्तमान में घाटी के दोनों ओर पेड़-पौधों और झाड़ियों की हरियाली बढ़ गई है। कई मोड़ों पर सामने से आने वाला वाहन समय रहते दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। घाटी के तीखे और घुमावदार मोड़ पहले से ही वाहन चालकों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
इन मोड़ों हरियाली छा जाने के कारण ज्यादा दुर्घटनाएं सामने आई है अंधे मोड़ों पर पेड़ पौधों के कारण सामने आता वाहन दिखाई नहीं देता और दुर्घटना का शिकार हो जाता है।
रेलिंग लगाने के बाद भी नहीं थम रहे हादसे
बालमपुर घाटी में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एमपीआरडीसी द्वारा कुछ महीने पहले सड़क किनारे लोहे की सुरक्षा रेलिंग लगाई गई थी। इसके बावजूद यहां हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। लगातार दुर्घटनाओं को देखते हुए वाहन चालकों और ग्रामीणों ने मोड़ों पर पर्याप्त दृश्यता सुनिश्चित करने, झाड़ियों की कटाई कराने तथा सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भोपाल-विदिशा हाईवे-18 का यह मार्ग लंबे समय से दुर्घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। उनका दावा है कि पिछले करीब डेढ़ साल में हाईवे पर 200 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें करीब 40 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। लगातार सामने आ रहे हादसे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।