– गैरतगंज में फिर सामने आया अवैध लकड़ी कारोबार, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
सामान्य वन मंडल रायसेन के वन परिक्षेत्र गढ़ी की टीम ने शनिवार को गैरतगंज की टेकापार कॉलोनी में छापेमार कार्रवाई करते हुए अवैध सागौन की चिरान एवं उससे निर्मित गेट जब्त किए। मामले में एक प्रकरण अज्ञात आरोपी के खिलाफ तथा दूसरा फर्नीचर संचालक के विरुद्ध दर्ज किया गया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वनमंडल अधिकारी के निर्देश पर शनिवार को वन परिक्षेत्र अधिकारी गढ़ी के नेतृत्व में दो दल गठित किए गए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वार्ड क्रमांक-1 स्थित टेकापार कॉलोनी के जुझारपुर बीट क्षेत्र में दबिश दी गई। यहां से वन क्षेत्र में छिपाकर रखी गई सागौन की 4 गीली चरपट (0.328 घनमीटर) बरामद हुई। इसे जब्त कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध वन अपराध दर्ज किया गया।
इसके बाद वन अमला करीब 30 मीटर दूर स्थित रजनी फर्नीचर मार्ट पहुंचा, जहां निरीक्षण के दौरान ताजा गीली सागौन की 9 चिरान (0.092 घनमीटर) तथा सागौन से निर्मित 2 गेट (0.084 घनमीटर) मिले। वन विभाग ने सामग्री जब्त कर फर्नीचर संचालक तोताराम विश्वकर्मा निवासी टेकापार कॉलोनी के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया। हालांकि, क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे अवैध सागौन कटाई और कारोबार के मामलों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के चलते वन संपदा की लगातार अवैध कटाई और कारोबार हो रहा है, जबकि स्थानीय वन अमला समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निगरानी होती तो इस तरह के मामले बार-बार सामने नहीं आते। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मुड़ियाखेड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध सागौन कटाई का मामला सामने आया था, जिसमें कई पेड़ों की कटाई के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बावजूद अवैध लकड़ी का कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है।