– सभी समुदायों ने बढ़-चढ़कर की शिरकत, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाजसेवियों का किया सम्मान
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
हजरत इमाम हुसैन और करबला में उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को गैरतगंज एवं कस्बा गढ़ी में अकीदत, एहतराम और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। पांच दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रमों का समापन 10 मोहर्रम पर मातमी जुलूस, ताज़िए, रुहानी सवारियों और अखाड़ों के प्रदर्शन के साथ हुआ। पूरे नगर में “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं और बड़ी संख्या में लोगों ने ताज़ियों पर लोबान छोड़कर अपनी अकीदत पेश की।
मोहर्रम की शुरुआत 7 मोहर्रम से हुई थी, जिसके बाद लगातार धार्मिक आयोजन, सवारियां और मातमी कार्यक्रम आयोजित किए गए। शुक्रवार को 10 मोहर्रम पर गैरतगंज नगर तथा कस्बा गढ़ी से पारंपरिक ताज़िए, रुहानी सवारियां एवं मातमी जुलूस निकाले गए। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे, जहां विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

मोहर्रम के जुलूस में सभी धर्मों एवं समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नगर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे का स्वागत कर गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की। बाजार चौक में परंपरागत ढंग से अलहलाली अखाड़ा के युवाओं ने अपने हैरतअंगेज़ करतबों और कला-कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जुलूस में शामिल घोड़े एवं तोप लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।
इस अवसर पर मुस्लिम त्योहार कमेटी गढ़ी द्वारा जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, समाजसेवियों तथा अखाड़े के युवाओं का हार, साफ़ा एवं स्मृति-चिन्ह (शील्ड) भेंट कर सम्मान किया गया।
सम्मानित होने वालों में सरपंच सैयद मसूद अली पटेल, मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष ख़ालिद मंसूरी, नायाब तहसीलदार हर्षवर्धन गुप्ता, पुलिस चौकी प्रभारी तेज पाल सिंह बघेल, तत्कालीन एएसआई वीरेंद्र विश्वकर्मा, वरिष्ठ नेता लालजी ठाकुर, मंसूरी समाज के जिला अध्यक्ष फ़ारुक़ मंसूरी तथा समाजसेवी खेमचंद चौरसिया प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों का भी हार एवं साफ़ा पहनाकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जनपद सदस्य रिज़वान खां, राजकुमार चौरसिया, जावेद ख़लीफा, ख़लील कुरैशी, ज़ाकिर मंसूरी, मुबश्शिर मंसूरी, अतहर अली, पटवारी नन्द किशोर अहिरवार, नूर मियां, नईम मंसूरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन एवं पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुए। मोहर्रम का यह आयोजन गढ़ी और गैरतगंज में आपसी भाईचारे, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया।