शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
ग्राम चांदबड़ में विधायक देवेंद्र पटेल के चाचा स्व. माधोसिंह पटेल ( पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष के पुत्र वीर नारायण पटेल के द्वारा अपने मार्गदर्शन एवं संरक्षण में 40 साल बाद फिर से झिरआई फाग का कार्यक्रम हजारों दर्शकों की भीड़ में संपन कराया गया।
करीब 50 फिट ऊंचे स्तंभ पर चढ़कर धर्म ध्वजा के साथ प्रसाद सहित बंधी पोटली को तोड़ने वाले 19 वर्षीय युवक निखिल रैकवार को विधायक देवेंद्र पटेल ने नगद 21 हजार का पुरस्कार प्रदान किया।

झिरआई फाग
गांव के एक बड़े मैदान के ठीक बीच में एक 50 से 60 फिट ऊंची मोटी लकड़ी गाढ़ी जाती है। जिस पर गेरू ओर खाद्य तेल मलकर उसे चिकना किया जाता है ताकि कोई भी व्यक्ति उस लकड़ी पर आसानी से चढ़कर झंडा ना तोड़ ले बल्कि उसे दो प्रकार की कठिन परीक्षा से गुजरकर ऊपर पहुंचना होता है।
पहली तो चिकनाईयुक्त वो लकड़ी जिस पर चढ़ने के प्रयास में व्यक्ति बार -बार फिसलकर नीचे आ जाता है ओर दूसरी महिलाओं की लाठियों की मार से बचकर निकलते हुए चढ़ना पड़ता है यदि बचते -बचाते कोई व्यक्ति चढ़ भी जाए तो इतनी ऊंचाई पर पहुंचकर झंडा तोड़ना कठिन होता है और जो इस प्रक्रिया में सफल होता है , वो ही व्यक्ति विजेता होकर पुरुस्कार पाने का हकदार होता है।
जिसे मुख्य अतिथि द्वारा तिलक लगाकर विजेता घोषित करते हुए पुष्प माला से उसका अभिवादन करके निर्धारित नगद पुरुस्कार दिया जाता है।

चिलचिलाती धूप में तोड़ा गया झंडा
40 साल बाद हुए इस आकर्षक और अनूठे आयोजन की एक पखबाड़े से धूम थी। जिसके कारण आसपास के 25 गांवों की 15 टोलियों सहित हजारों दर्शक पहुंचे।आयोजन में मृदङ्ग , ढ़ोलक , टिमकी , झांझर ओर रमतूला जैसे देशी वाद्य यंत्रों की धुन पर चल रहे लोकगीतों से वातावरण बेहद आकर्षक हो गया था।अतिथियों के द्वारा कीर्ति ध्वजा का विधिविधान से पूजन कर प्रतियोगिता प्रारंभ कराई ।
एक -एक करके कई टोलियों में शामिल लोगों ने अपने हाथों में लिए टी-आकर की लकड़ी पर लंबी-लंबी लाठियां लिए महिलाओं के प्रहार करती महिलाओं की टोलियों के घातक प्रहार झेलते हुए धीरे -धीरे जुगत लगाते हुए झंडे तक पहुंचने की कवायद शुरू की लेकिन महिलाओं के तेज लाठी बरसाते हुए प्रहार से कई लोग बच गए और कई तो बचाव करने में चुकने से घायल भी हो गए। लेकिन अंततः एक साहसी युवक बहुत मार खाने के बाद भी ध्वज स्तंभ पर चढ़ने में सफल हो गया और झंडा टूट गया।
इस अनोखी परंपरा के पर्व पर करीब दो घण्टे तक चली जद्दोजहद में आखिरकार एक 19 वर्षीय साहसी युवक निखिल रैकवार पिटते – बचते आखिरकार खंबे पर चढ़ने में सफल हो गया और स्तंभ के ऊपर पहुंचकर ध्वज के साथ प्रसादी बंधी पोटली ओर ध्वज को तोड़ने में सफल रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र पटेल ने विजेता युवक निखिल रैकवार का तिलक लगाकर सम्मान करते हुए पुष्पमाला से स्वागत कर 21 हजार का नगद पुरुस्कार प्रदान किया।