मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे 18 स्थित दाल मिल चौराहा दीवानगंज पर उस समय हड़कंप मच गया, जब किसानों ने नीरा वेयरहाउस में गेहूं तुलाई नहीं होने से नाराज होकर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों तरफ करीब 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
किसानों का आरोप है कि वेयरहाउस में सर्वर ऑपरेटर पैसे लेकर ट्रालियों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि सामान्य किसानों की ट्रालियां घंटों से खड़ी हैं। किसानों ने बताया कि वे पूरी रात जागकर स्लॉट बुक कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी तुलाई नहीं हो पा रही। दिलीप लोधी, हेमराज कुशवाहा, देवी राम, अभिषेक मीणा का कहना है कि हम सुबह 7 बजे से भूखे प्यासे धूप में ट्राली लेकर खड़े हुए हैं। दोपहर 2 बज गए अभी तक ट्राली की तुलाई नहीं हो सकी है।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब किसानों ने बताया कि आज गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख है, ऐसे में तुलाई नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
सूचना मिलते ही मौके पर सांची नायब तहसीलदार ललित सक्सेना, सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी और दीवानगंज चौकी प्रभारी सुनील शर्मा पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद काफी पुलिस द्वारा बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया और यातायात बहाल हुआ। जाम में कई यात्री बस, कार, ट्रक और एंबुलेंस फस गई थी। कहीं वाहन चालक खेतों में से होकर गुजरते नजर आए।

हेमराज कुशवाहा, दीपक लोधी, अभिषेक मीणा, देवी राम सहित कई किसानों का कहना है कि वैसे ही समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कम हो रही है उतने में ही गेहूं में मिट्टी बताकर गेहूं नहीं तोला जा रहा है जिससे हम लोग को काफी नुकसान हो रहा हैं किसानों ने कहा है कि एक और सरकार कह रही है कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा दूसरी तरफ कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। स्लॉट बुक होने के बाद भी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी नहीं हो पा रही है।
किसानों की मांग
किसानों ने तुलाई प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।