नेताओ के खिलाफ जाहिर की नाराजगी
उदयपुरा रायसेन से अशीष रजक
आने वाले नपा चुनाव में हर पार्टी वोटरों को रिझाने के लिए हर संभव प्रयास करती है। ऐसे में हमारे बीच एक समाज आता है जिसे लोहा पीटा समाज कहते हैं। नगर उदयपुरा में इस समाज के वोटरों की संख्या लगभग 200 के पार है।

जब हमने उनसे इस बार के चुनाव को लेकर चर्चा की,तो वे काफी नाखुश नजर आए। उन्होंने साफ तौर पर यह बात कही, कि हमें अभी तक कोई भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि हम विगत 30 वर्षों से इस नगर में निवास कर रहे हैं। 2019 के बाद कोरोना महामारी के चलते उनके रोजगार पर भी खासा असर पड़ा है। जिससे उनके परिवार को भुखमरी और कई ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जो इंसान की मूलभूत सुविधाओं में आती हैं। इस समाज के लोगों ने बताया कि कोरोना के दौरान किसी भी नेता ने हमारी किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं की ,सामाजिक संस्थाओ ने हमारी मदद की थी।

जब हमने इनके डेरो पर जाकर देखा,तो सभी घर मिट्टी के बने हुए थे। तो प्रश्न उठता है कि आवास योजना का लाभ आखिर किसे मिला?
महिलाएं पिछले 30 वर्षों से बाहर शौच करने जा रही हैं।
प्रश्न उठता है कि आखिर शौचालय का लाभ किसे मिला और यह स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत का नारा किस काम का?
बारिश के चलते उन्हें अपनी रातें उन्हीं टूटे-फूटे मकानों में गुजारनी पड़ रही हैं। रोजगार ना होने के कारण उनका गुजारा भी बड़ी मुश्किल से ही चल रहा है। शायद इन लोगों की पन्नी की छतों से टपकता हुआ पानी नेता को नहीं दिखता। दिखता है भी तो केवल 5 साल में एक बार वोट का लालच।