कयामपुर में ‘बाघ’ की दहशत, एक हफ्ते से पहाड़ पर लगातार मूवमेंट, तेंदुआ का मूवमेंट भी उसी के पास दिखाई दिया
ग्रामीण सहमे, अभी तक 40 से ज्यादा पालतू पशुओं का हो चुका है शिकार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची क्षेत्र के कयामपुर गांव में पिछले एक सप्ताह से बाघ की लगातार मौजूदगी ने दहशत का माहौल बना दिया है। गांव के पीछे स्थित पहाड़ी और चट्टानों पर रोजाना इस जंगली जानवर को देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, हर दिन सुबह शाम होते ही पहाड़ की चट्टानों पर बाघ नजर आता है।
बुधवार को पहाड़ के नीचे गुफा पर बाघ बैठा दिखाई दिया,तो ग्रामीणों को उसी के ऊपर तेंदुआ भी घूमता दिखाई दिया पहाड़ के ऊपर जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए
बाघ और तेंदुआ का लगातार मूवमेंट के चलते लोगों ने जंगल की ओर जाना लगभग बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा असर पशुपालकों पर पड़ा है। डर के कारण वे अपने मवेशियों को जंगल में चराने नहीं ले जा पा रहे हैं।
स्थिति यह है कि गांव के लोग अब अपने ही क्षेत्र में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं, वहीं किसान भी खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़कर किसी दूरस्थ जंगल में छोड़ा जाए, ताकि गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
राजेंद्र ठाकुर, गब्बर सिंह, लाखन सिंह, विजय सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि कयामपुर गांव जंगली जानवरों का मुकाम बनता जा रहा है यहां पर हमेशा कभी तेंदुआ तो कभी बाघ का मूवमेंट लगातार बना हुआ है दोनों ही बने प्राणियों ने अभी तक कई पालतू पशुओं का शिकार कर चुके हैं। जिससे ग्रामीणों को काफी हानि हुई है कुछ दिन पहले ही खेत पर बंदी गाय का बाघ ने शिकार कर लिया था जिसको रामबाबू कुशवाहा को काफी हानि हुई थी ।

बता दे की दीवानगंज क्षेत्र के आसपास दीवानगंज , अंबाडी, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, कयामपुर, संग्रामपुर, बरजोरपुर, बालमपुर, कुलहड़िया, झुंडखोय सहित एक दर्जन से ज्यादा गांव में वन जीवों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। अभी तक दीवानगंज क्षेत्र में 40 से अधिक पशुओं का शिकार वन्यजीव कर चुके हैं।
बाघ और तेंदुआ को देखने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हो गया और वीडियो बनाते हुए सोशल मीडिया पर वायरल करते रहे ग्रामीण।