मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज हल्का क्रमांक-9 क्षेत्र के किसानों की शिकायतों की जांच के लिए मंगलवार को कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने खेतों पर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया। यह कार्रवाई कार्यालय उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला रायसेन के पत्र क्रमांक डी-3/2025-26/5067-68 के आधार पर गठित जांच दल द्वारा की गई।
निरीक्षण दल में कृषि विज्ञान केन्द्र नकतरा रायसेन से कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्विपनल दुबे, डॉ. प्रदीप दुबे, कार्यालय उपसंचालक कृषि रायसेन से अनुविभागीय कृषि अधिकारी जी.एस. रैकवार, सहायक संचालक दुष्यंत कुमार धाकड़, जितेन्द्र नामदेव तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय सांची से सी.एल. अहिरवार, कृषि विस्तार अधिकारी मंगल सिंह उचारिया और हल्का पटवारी सुरेश कुमार शर्मा शामिल रहे।

दल ने शिकायतकर्ता कृषकों की उपस्थिति में खेतों की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया। फसल की स्थिति, भूमि संबंधी तथ्य तथा आवेदन में वर्णित बिंदुओं का स्थल पर परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा बनाकर आवश्यक तथ्य दर्ज किए और नियमानुसार जांच प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही
तहसीलदार के आदेश क्रमांक 848 के तहत राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने दीवानगंज क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की खराब फसलों का निरीक्षण किया गया था निरीक्षण में कृषि विस्तार अधिकारी मंगल सिंह, राजस्व निरीक्षक के एल अहिरवार, हल्का पटवारी दीवानगंज सुरेश शर्मा, हल्का पटवारी नरखेड़ा महेंद्र कुशवाह, हल्का पटवारी गीदगढ़ ललित दुबे, कोटवार प्रेम सिंह सहित कई किसान मौजूद थे।
किसानों ने 10 फरवरी की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी कि एमपी एग्रो फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के कारण उनकी लगभग 30 से 35 एकड़ फसल खराब हो गई है। इसी शिकायत के आधार पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया।।
किसानों के अनुसार करीब 30 से 35 एकड़ भूमि पर 10 किसानों की फसल सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। अब सभी प्रभावित किसान प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट और मुआवजे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि उनकी महीनों की मेहनत और लागत एक ही रात में बर्बाद हो गई, जिससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजकुमार साहू ने बताया कि मेरी गेहूं की फसल सफेद पड़ गई है। जिससे मुझे उपज में हानि होगी। मेरे साथ और कई किसानों की फैसले भी खराब हुई है।
अमर सिंह मीणा ,चना 8 एकड़
राजकुमार साहू, गेहूँ 6 एकड़
शरद साहू ,3 एकड़
किशोरी लाल साहू, 5एकड़
भगवान नायक, 3 एकड़
गणेश राम मीणा ,8 एकड़
जमना साहू, 12 एकड़
वीरेंदर अजमेरा, 4 एकड़
रमेश कुशवाह ,1 एकड़
तरुण साहू, 5 एकड़
नर्मदा साहू ,4 एकड़
महेश साहू 5 एकड़ सहित अन्य किसानों की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
क्षेत्र के किसानों ने टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच किए जाने को सकारात्मक
कदम बताया।