– 2 दिन पहले भी बालमपुर घाटी पर बाघ ने किया था शिकार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कयामपुर गांव में रविवार देर रात बाघ के विचरण की सूचना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सोमवार सुबह खेतों की ओर गए किसानों ने बाघ के ताजा पगचिह्न देखे, जिसके बाद पूरे गांव में यह खबर फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ संभवतः रात के समय खेतों और आसपास के वन क्षेत्र में घूमता रहा। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से पशुधन और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
2 दिन पहले भी बालमपुर घाटी के पास स्थित शिव के पास रात बाघ द्वारा शिकार किए जाने का मामला सामने आया था।
ग्रामीणों का कहना है कि दीवानगंज क्षेत्र के आसपास लंबे समय से बाघ और तेंदुए का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। दोनों ही वन्य जीवों द्वारा पालतू पशुओं का शिकार किए जाने की घटनाएं बढ़ने से ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय बाघ और तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू किया जाए, ताकि ग्रामीण भयमुक्त होकर रह सकें और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में ग्रामीण दहशत के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। किसानों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
गौरतलब है कि दीवानगंज, कयामपुर, संग्रामपुर, मुस्काबाद, गिदगढ़, कुलहड़िया, बरजोरपुर, नरखेड़ा, सत्ती, बालमपुर सहित
आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूर्व में भी बाघ और तेंदुए की गतिविधियां देखी जाती रही हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है।
अभी तक इन सभी गांव में बाघ ने और तेंदुआ ने लगभग 40 से ज्यादा पालतू जानवरों का शिकार कर लिया है जिससे पशु मालिक को काफी आने हुई है।