– ग्राम पंचायत दीवानगंज में 48, ग्राम पंचायत अंबाडी में 150, ग्राम पंचायत सेमरा में 41 मकान सुकृत हुए थे
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा सहित क्षेत्र मे इस साल सबसे ज्यादा ग्रामीणों के आवास स्वीकृत हुए हैं। कई ग्रामीणों को पहली, दूसरी तो कई ग्रामीणों को तीसरी किस्त मिल चुकी है। कई ग्रामीणों के मकान में काम चल रहा था लेकिन कई ग्रामीणों की किस्त नहीं आने से मकान अधूरे पड़े हुए हैं।
जिन ग्रामीणों के मकान पीएम योजना के तहत सुकृत हुए है उन्होंने बताया है की किस्त ना आने के कारण हमारे मकान नहीं बन पा रहे हैं। कई मकानों के छतों में सेटिंग ठुकी है तो कई मकानों के बीम कालम भर चुके हैं। तो कई की दीवार उठ चुकी है।
किस्त नहीं आने के कारण पीएम योजना के तहत मकान नहीं बन पा रहे हैं।
जबकि अंबाड निवासी दिनेश कुमार , मनोज मालवीय, प्रीतम शहरिया, राजू शहरिया, ने बताया कि किस्त नहीं आने से काम अधूरा पड़ा हुआ है। हमारा ही नहीं अंबाडी के कई ग्रामीणों की किस्त नहीं आई है जिससे मकान अधूरे हैं। इसी तरह सेमरा पंचायत का भी यही हाल है। सेमरा पंचायत में जिन लोगों के पीएम आवास योजना के तहत मकान सुकृत हुए थे उनके भी अभी तक अधूरे पड़े हुए।

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में फोन लगाकर पूछते हैं तो बताया जाता है कि अभी बजट नहीं है इसलिए आगे की किस्त नहीं आ पा रही है जैसे ही बजट आएगा किस्त आने लगेगी। हम सब ग्रामीण ग्रामीण बैंकों में जा जाकर परेशान हो रहे हैं मगर आगे की किस्त नहीं आ रही है।
इस साल ग्राम पंचायत दीवानगंज में 48, ग्राम पंचायत अंबाडी में 150, ग्राम पंचायत सेमरा में 41 ग्रामीणों के नाम आवास योजना के अंतर्गत आए हैं। जो पात्र लोग रह गए हैं उनका सर्वे भी पंचायत द्वारा किया जा चुका है। जिनको आने वाले वर्ष में योजना का लाभ मिलेगा।
इनका कहना हे
मुझे जो किस्त मिली थी उससे मकान के ऊपर छत डलवा दी है। दीवार उठाकर प्लास्टर करना है मगर आगे की किस्त नहीं आने के कारण काम अधूरा पड़ा हुआ है। अगर समय पर किस्त पूरी आ जाती तो मकान तैयार हो जाता।
खुमान सिंह ठाकुर
मैं बैंक के कई चक्कर लगा चुका हूं मगर आगे की किस्त नहीं आ रही है जिससे मकान अधूरा पड़ा हुआ है जो कच्चा मकान है उसमें रहकर बारिश निकल रहे हैं अगर समय पर किस्त आ जाती तो पक्के मकान में रहने लगते
प्रीतमसिंह शहरिया