रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
सतलापुर में ग्यारहवें वर्ष से आयोजित रुद्र महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निरंतर जारी है। यह आयोजन लाल बाबा के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का संचालन भी किया जा रहा है।
कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास पंडित जितेन्द्रिय महाराज, राज राजेश्वरी वाराही धाम (डूंगरिया) द्वारा सती चरित्र की अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कथा का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान के चरित्र में संदेह करना सबसे बड़ा दोष है, जो व्यक्ति को देह त्याग तक की स्थिति में पहुँचा सकता है। उन्होंने बताया कि राम कथा ही वह श्रेष्ठ साधन है, जो परमात्मा का सान्निध्य सरलता से प्रदान कर जीवन के सभी संदेहों को दूर करती है। समाज को संस्कारवान बनाए रखने के लिए रामचरित मानस को सर्वश्रेष्ठ माध्यम बताया गया।

कथा के दौरान वशिष्ठ द्वारा शिव विवाह का अद्भुत और मनोहारी वर्णन प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। वहीं यज्ञ-आचार्य पंडित दीपक पचौरी द्वारा उच्च स्वर में मंत्रोच्चार करते हुए यज्ञ शाला को दिव्य एवं शोभायमान बनाए रखा गया।आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा श्रवण एवं यज्ञ दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।