मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
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पंचायत अंबाडी के गांव बांसिया और ग़ीडगड़ पंचायत के गांव भंवर खेड़ी हिनोतिया में टाइगर के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीती रात टाइगर ने फालतू (खुले में चर रहे) मवेशियों पर हमला कर तीन गाय और एक पड़िया को अपना शिकार बना लिया। सुबह खेतों और गांव की सीमा के पास मवेशियों के क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से जंगल से सटे इलाकों में टाइगर की गतिविधियां बढ़ गई हैं, लेकिन समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किए गए। हमले के बाद से ग्रामीण अपने मवेशियों को बाहर छोड़ने से डर रहे हैं।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि चरण सिंह अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया बांसिया निवासी कि श्यामलाल धानक की दो गाय और भंवर खेड़ी मोतिया निवासी कल्लू खान की एक पडिया का टाइगर ने एक दिन पहले शिकार कर लिया है। जिससे श्यामलाल धानक को 10 हजार रुपए और कल्लू खान को 25 000 रुपए का नुकसान हुआ है। टाइगर ने एक अन्य गाय का भी शिकार किया है जिसका अभी तक पता नहीं चल सका है कि यह गाय किसकी है।
सूचना मिलने पर वन विभाग को अवगत कराया गया। विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों के आवेदन लिए गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल गश्त बढ़ाई जाए, पिंजरा लगाया जाए और रात के समय सतर्कता व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि जनहानि की आशंका न रहे।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मवेशियों को रात में सुरक्षित बाड़े में रखें, अकेले खेतों की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। अगर जंगल में जाए तो समूह बनाकर बातचीत करते हुए जाएं। बता दे की दीवानगंज ,अंबाडी,नरखेड़ा, संग्रामपुर कयामपुर ,गीदगढ़, मुस्काबाद सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में लगातार तेंदुआ पालतू जानवरों का शिकार कर रहा है जिससे ग्रामीण भयभीत है। प्रशासन से ग्रामीणों ने अपील की है कि तेंदुआ और टाइगर का रस को किया जाए ताकि हमारे जानवर सुरक्षित रह सके।