सुरेन्द्र जैन धरसीवां
न्याय सबके लिए अभियान के तहत विधिक साक्षरता का शंखनाद हुआ।अध्यक्ष/जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), के मार्गदर्शन में दो प्रमुख विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
“न्याय सबके लिए” की भावना को चरितार्थ करते हुए यह शिविर रायपुर के सबसे पुराने स्कूल सेन्ट पॉल उच्च. माध्यमिक शाला (बैरन बाजार) और शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय (मठपुरैना) में आयोजित किया गया
न्यायाधीशों का मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान, मनोज सिंह ठाकुर एवं दिग्विजय सिंह उपस्थित रहे। न्यायाधीशों ने छात्र-छात्राओं को कानून की बुनियादी जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दी। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के बीच उनकी उपस्थिति ने न्याय प्रणाली की समावेशी सोच को प्रदर्शित किया।
इन प्रमुख विषयों पर दी गई जानकारी
नालसा डॉन (DAWN) योजना: नशा मुक्ति और पीड़ितों के पुनर्वास हेतु कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
नालसा आशा (ASHA) अभियान: ‘बाल विवाह मुक्त भारत 2025’ के तहत कम उम्र में विवाह के कानूनी व सामाजिक दुष्प्रभावों को समझाया गया।
यातायात सुरक्षा: मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और दुर्घटना मुआवजे के नियमों की विस्तृत व्याख्या की गई।
बाल सुरक्षा (POCSO): बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के माध्यम से आत्मरक्षा और पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक किया गया।
साइबर एवं थान प्रक्रिया: ऑनलाइन ठगी से बचाव और थाने में FIR दर्ज कराने की सही प्रक्रिया समझाई गई।
निःशुल्क विधिक सहायता: समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा और नालसा टोल-फ्री नंबर 15100 के उपयोग के बारे में बताया गया।
इस सफल आयोजन में ‘अधिकार मित्र’ श्रीमती लोमीन साहू एवं श्री सुप्रभात हलदार (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर) का विशेष योगदान रहा। विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्र हित में मील का पत्थर बताया गया।