शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
तुलसीपार , धौलपुर , जरुआ , हिनोतिया , किरंगी , भोजपुर एवं आसपास के क्षेत्र को अधिकृत करके बनने वाले प्रस्तावित बांध का सर्वेक्षण करने पहुंची टीम का किसानों ने तीखा विरोध करते हुए जहाँ पर बांध नहीं बनाने की प्रबल मांग उठाई है।
आज तहसील कार्यालय पहुंचे ग्राम तुलसीपार , हिनोतिया ,किरंगी , धोलपुर एवं जरुआ के सैकड़ो किसानों ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सौरभ मिश्रा को देकर उक्त क्षेत्र में बांध बनने का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उक्त बांध के बनने से 4 गांव तुल्सीपार , हिनोतिया , किरंगी , धौलपुर पूरी तरह से प्रभावित होने से सैकड़ों किसानों की सिंचित कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आ जाएगी और इसके अतिरिक्त 14 मौजे में तुलसीपार , धौलपुर , मदनी ,पिपलिया पाठक , तिनसुआ , ककरुआ वीरान , घोघरी , घाना , मरखण्डी , समसगढ़ , बाराह इत्यादि की हजारों एकड़ सिंचित उपजाऊ भूमि पूंर्ण रूप से डूब क्षेत्र में आ रही है। इसके अतिरिक्त आवासीय क्षेत्र में मकान , मंदिर , श्मशान घाट , करोड़ो के सरकारी भवन स्कूल , आंगनवाड़ी भवन , पंचायत भवन , पक्के सड़के , नलकूप , कुएं , तालाब , चारोखर , सार्वजनिक स्थल , पशुपालन प्रभावित होंगे जिससे हजारों लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट आ जाएगा। इसके साथ ही हजारों पेड़ डूबने से पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा।
बांध से आसपास का अन्य क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में आएगा।
किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें बांध की जानकारी नहीं देकर सीधे उनकी खड़ी फसलों को रौंदते हुए गाड़ियां ओर मशीनें लाकर सर्वे करने में टीम जुट गई है।
किसानों की मांग है कि बांध का सर्वे का कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। सम्पूर्ण परियोजना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। सभी प्रभावित किसानों एवं ग्रामवासियों की ग्रामसभा में खुली सुनवाई की जाए। ओर सर्वेक्षण की पारदर्शिता रखते हुए पूरी जानकारी सभी ग्रामवासियों को दी जाए।
आंदोलनकारियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उनके क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजलापूर्ति के लिए पर्याप्त पानी है जहां पर अब किसी बांध की आवश्यकता नहीं है इसलिए किसानों एवं ग्रामवासियों के हितों की रक्षा करते हुए बांध निर्माण की प्रस्तावित योजना को निरस्त किया जाए।