मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बालमपुर घाटी पर हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे है। हर एक-दो दिन में बालमपुर घाटी पर हादसे होना आम बात हो गई है।
विदिशा से भोपाल जा रहा ट्रक क्रमांक आरजे 11जीबी 1499 जैसे ही बालमपुर घाटी चढ़ रहा था बीच घटी पर पहुंचते ही ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। ब्रेक फेल होने से ट्रक पीछे रिवर्स होते हुए लोहे की रेलिंग से टकराकर रुक गया नहीं तो आज फिर एक ट्रक 20 फीट गहरी खाई में जाकर पलट जाता जिससे बड़ा हादसा हो जाता। 2 दिन पहले भी एक ट्रक खाई में जाने से बाल बाल बचा था।
बता दे की बालमपुर घाटी पर हादसे होना आम बात हो गई है कुछ दिन पहले भी एक ट्रक पेड़ से टकराकर घाटी के ऊपर खाई में जाने से बच गया था लेकिन ट्रक को निकालते समय ट्रक खाई में जाकर पलट गया था जिससे उसमें भरा माल खाई में बिखर गया था। बार-बार हादसों के कारण बालमपुर घाटी के ऊपर लगी रोड के दोनों तरफ लोहे की रेलिंग पूरी तरह से टूट चुकी है अगर ऐसे में कोई वाहन दुर्घटना का शिकार होता है तो वह सीधे 20 फीट गहरी खाई में जाएगा जिससे जान माल की हानि ज्यादा होगी।
एमपी आरडीसी द्वारा कुछ महीने पहले ही रोड को दोनों तरफ चार-चार मीटर चौड़ा किया गया था ताकि हादसों में कमी आए। मगर ऐसा देखने में नहीं आया कि हादसों में कमी आई हो, बल्कि पहले जैसे हादसे लगातार अब भी बालमपुर घाटी पर हो रहे हैं।
बालमपुर घाटी पर रहने वाले संतोष सिसोदिया, मुकेश ठाकुर, विनोद सिसोदिया ,फूल सिंह सिसोदिया का कहना है कि बालमपुर घाटी पर अक्सर ट्रक चढ़ते वक्त या तो पीछे रिवर्स होकर खाई में गिरते हैं या बीच घाटी पर खड़े हो जाते हैं। इन ट्रक को अन्य वाहन की सहायता से घाटी के ऊपर चढ़ाया जाता है। अभी तक बालमपुर घाटी पर कई ट्रक खाई में गिर चुके हैं। पिछले साल ही देर रात तीन वाहन आपस में टकराए थे। जिसमें एक बालिका की मौत हो गई थी।
ग्रामीण ने कहा है कि घाटी की ऊचाई अत्यधिक होने के कारण अत्यधिक लोड वाले ट्रक घाटी पर नहीं चढ़ पाते और दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इसलिए एमपी आरडीसी को बालमपुर घाटी को काटकर ऊंचाई कम करना चाहिए।