50 हजार बच्चों का कुपोषण दूर होगा,60-70 करोड़ कर्ज कम लेना पड़ेगा
भोपाल ।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा फूलों गुलदस्तों मालाओं पर होने वाली फिजूल खर्ची पर अपनी सरकार को नसीहत तो दे दी किंतु क्या सरकार धर्मेंद्र प्रधान की इस नसीहत का पालन कर सकेगी ।
प्रदेश कांग्रेस के विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने इस बयान को सकारात्मक बताते हुए अपेक्षा की है कि केंद्रीय मंत्री श्री प्रधान इसे अपनी सरकार से पालन करवाएंगे।
गुप्ता ने बताया कि अकेले भोपाल नगर निगम में ही प्रतिवर्ष 2022 के आंकड़ों के आधार पर लगभग डेढ़ करोड़ रूपया फूल गुलदस्ते और फूलों की सजावट पर खर्च होते हैं यानि केवल फूल और सजावट पर 41हजार प्रतिदिन। अगर धार्मिक विभाग आध्यात्मिक विभाग संस्कृति विभाग और शासकीय कार्यक्रमों का अंदाजा लगाया जाए तो अनुमानित 20 लाख रुपए प्रतिदिन का खर्चा केवल फूलों को एक दूसरे को भेंट करने में खर्च किया जाता है जिसकी श्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार 20 सेकंड की सेल्फ लाइफ होती है।
गुप्ता ने कहा कि निश्चित रूप से सरकारी फिजूल खर्ची रोककर कम से कम 50 हजार गरीब बच्चों का कुपोषण दूर कर सकती है,उन्हें अंजीर और सेव खिला सकती है, जिससे कोई अब्दुल कलाम कोई पीटी उषा पैदा हो सकती है। गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता बयान बाजी और जुमले के उत्सर्जन में तो माहिर हैं लेकिन फैसला करने और करवाने में उतने ही दकियानुशी है।
गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपेक्षा की है कि वे अपनी सरकार से मध्य प्रदेश में अपने सकारात्मक सोच का पालन करवा कर भविष्य के अब्दुल कलाम और पीटी उषा के लिए मार्ग प्रशस्त कर सार्थक मिसाल कायम करें।ताकि मध्यप्रदेश पर कर्ज का बोझ घटे और कुपोषण से भावी पीढ़ी मुक्त है सके।