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विवाह पंजी संधारण पर सरपंच सचिवों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम

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विवाह के बाद विवाह स्थल पर ही सुनिश्चित हो विवाह पंजियन

विवाह पंजीयन की अनिवार्य शर्त वर की उम्र 21 और वधु की 18 वर्ष पूर्ण हो-डॉ एच बी सेन,निदेशक,केएसएस रायसेन

यह सुनिश्चित करें की सभी बच्चे स्कूल जायें,बाल विवाह न हो -मोनिका पटेल,सहायक शिक्षा अधिकारी

विवाह पंजियन एक आवश्यक संवैधानिक दस्तावेज- विनोद सिंह बघेल समन्वयक जिला पंचायत

बाल विवाह कानून अपराध है इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी- राजा वर्मा जिला बाल संरक्षण अधिकारी

वर वधु को सबसे अच्छा उपहार विवाह के समय ही प्रमाण पत्र दें- अशोक रिछारिया,जिला सांख्यकी अधिकारी

बाल हितेषी आदर्श जिला बनाना लक्ष्य-अनिल भवरे,जिला समन्वयक एक्सेस टू जस्टिस

रायसेन। जिला पंचायत सभाकक्ष में   विवाह पंजी संधारण पर सरपंच सचिवों का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषक सहयोग संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा,महिला बाल विकास विभाग और जिला पंचायत के तीन ब्लॉकों सांची,गैरतगंज और बैगमगंज के 45 सरपंच सचिवों ने भाग लिया। सभी को विवाह पंजीयन करने के तरीके बतलाते हुए बाल विवाह संधारण पंजी वितरित की गई।

इस अवसर पर जिला पंचायत समन्वयक विनोद सिंह बघेल ने कहा कि विवाह पंजियन एक आवश्यक संवैधानिक दस्तावेज है। जो वधु के वैवाहिक उत्तराधिकार और अधिकारों को सुनिश्चित करता है।

सहायक शिक्षा अधिकारी मोनिका पटेल ने कहा कि
यह सुनिश्चित करें की सभी बच्चे स्कूल जायें,जो बच्चे स्कूल नही जाते ऐसे बच्चों के बाल विवाह होने या बाल श्रम में संलिप्त होने की संभावना अधिक होती है।

जिला सांख्यकी अधिकारी अशोक रिछारिया ने विवाह पंजी लिखने उनके 16 कलमों को भरने की जानकारी दी उन्होंने बताया कि अधिकारों के संरक्षण में कोई वैधानिक प्रमाण है तो वह विवाह पंजीयन है। जो हमारी बालिका के अधिकारों की प्राप्ति का प्रमाण है। उन्होंने जन्म और मृत्यु पंजीयन की तरह ही विवाह पंजीयन को भी अनिवार्य बतलाया।यह भी कहा कि सरपंच सचिव यह सुनिश्चित करें कि बिदाई के साथ ही विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र अवश्य दें।

इस अवसर पर कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ एच बी सेन ने कहा विवाह का अनिवार्य पंजीयन आवश्यक है।सचिवों को इसका रजिस्टार नियुक्त किया गया है। विवाह पंजीयन की अनिवार्य शर्त वर की उम्र 21 और वधु की 18 वर्ष पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि सरपंच सचिव यह सुनिश्चित करें कि उनकी पंचायत में एक भी बाल विवाह न हो। साथ ही मेरे गाँव के सभी वर वधुओं का पंजीयन निश्चित हो जो प्रमाण बने। उदाहरण दिया कि पास्पोर्ट में पत्नी साबित करने के लिए विवाह पंजीयन की जरूरत होती है।

बाल हितैषी आदर्श जिला बनाना लक्ष्य-
एक्सेस टू जस्टिस संस्था के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि संस्था जिले में बाल विवाह बाल यौनशोषण,बालश्रम और बाल तस्करी जैसे मुद्दों पर कार्य कर रही है। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को दूर करने में सामाजिक सहभागिता आवश्यक है। हम सब मिलकर ही बाल विवाह मुक्त पंचायत बाल विवाह मुक्त जिला बनाकर बाल विवाह मुक्त भारत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर कृषक सहयोग संस्थान के चयनित ब्लॉक सांची बेगमगंज और गैरतगंज ब्लॉक की 45 पंचायत के 45 सरपंच, सचिवों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन में प्रवीण झोंपे जी सहायक परियोजना अधिकरी, राजकुमार साहू,शिवनारायण सराठे,चंद्रप्रकाश सेन,निखिल सेन सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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