शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
मड़देवरा गांव में शनिवार की शाम को गांव की बिजली जोड़ते समय एक हेल्पर की करंट लगने से मौत हो गई। रविवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया , लेकिन परिजनों एवं उनके साथ आए मृतक के गांव रमपुरा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ो आदिवासियों भी पहुंच गए जिन्होंने शव लेने से इंकार करते हुए घटना के बाद कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल के नेतृत्व में उन्होंने बिजली विभाग कार्यालय के सामने भोपाल -सागर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया जो करीब दो घण्टे तक चला।

इस बीच उद्वेलित आदिवासी बिजली विभाग एवं शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग के साथ मृतक के बड़े पुत्र जितेंद्र आदिवासी को नोकरी देने के साथ , मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।मौके पर तहसीलदार प्रमोद उइके एवं थानाप्रभारी राजीव उइके पुलिसबल के साथ पहुंच गए ओर उन्होंने मोर्चा संभाला।

टीआई राजीव उइके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पड़रिया राजाधार ग्राम पंचायत के मड़देरा गांव की बिजली बिल नहीं भरे होने से कटी हुई थी। ग्रामवासियों द्वारा बिल जमा किए जाने के बाद विद्युत विभाग ने गांव की बिजली सप्लाई चालू करने के निर्देश लाइनमैन बलराम रजक को दिए थे, जिसने सहायक लाइनमैन संजय लोधी एवं हेल्पर अर्जुन सिंह आदिवासी को डीपी से गांव की लाइन जोड़ने के लिए भेजा था।
लाइन जोड़ने समय उन्होंने बिजली बंद रखने का परमिट ले लिया था लेकिन समय से पहले ही बिजली चालू होने से एकाएक करंट प्रवाहित होने से लाइन जोड़ रहा हेल्पर अर्जुन सिंह करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई । घटना की खबर फैलते ही कोहरा मच गया।
सवाल यह उठता है कि जब विद्युतकर्मियों ने बिजली बंद करने का परमिट लिया था तब बिना उनसे पूछे किस व्यक्ति द्वारा बिजली की सप्लाई चालू की गई, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

थानाप्रभारी राजीव उइके ने बताया कि ने मृतक अर्जुन सिंह आदिवासी पिता दरिया सिंह आदिवासी 42 वर्ष निवासी रमपुरा की पत्नी अंजना बाई , पुत्र जितेंद्र , सचिन एवं पुत्री प्रियंका , आष्टमी चार बच्चे हैं। मृतक अस्थाई रूप से बिजली विभाग में पिछले करीब 6 साल से हेल्पर का काम करता था। गांव की डीपी से बिजली चालू करने के लिए वह एवं सहायक लाइनमैन संजय लोधी गए थे। मृतक अर्जुन सिंह डीपी से लाइन चालू कर रहा था, तब अचानक बिजली की सप्लाई शुरू हो गई ।जिससे करंट की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई पुलिस ने मामला दर्जकर विवेचना में लिया है।

धरना स्थल पर पहुंचे बिजली विभाग के जेई नीरज गुप्ता ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा उपरांत आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया गया कि मृतक को विभागीय कर्मचारियों की ओर से नगद एक लाख एकत्रित करके दिए जा रहे हैं एवं नियमानुसार बिजली विभाग की ओर से 4 लाख एवं सरकार की ओर से 2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा, मृतक के पुत्र को नोकरी एवं एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जांच उपरांत दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।विधायक देवेंद्र पटेल एवं आदिवासियों को दिए गए आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म हुआ।