बेगमगंज के जंगलों में छुपे हैं नैसर्गिक खज़ाने, रेंजर अरविंद अहिरवार कर रहे हैं स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
क्षेत्र अब केवल जंगल और वन संपदा तक सीमित नहीं रहा बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था को जोड़कर पर्यटन की नई पहचान बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
रेंजर अरविंद अहिरवार ने अपनी रेंज के भीतर ऐसे कई अद्भुत स्थल खोज निकाले हैं, जो न सिर्फ पर्यटकों को आकर्षित करेंगे बल्कि क्षेत्र की पहचान भी बदल देंगे।
मबई का सिद्धेश्वर धाम… जहां के कुंड का पानी अलकलाइन गुणों से भरपूर बताया जाता है और इसे कैंसर रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है।
खेरी बीट का कुंडी जलप्रपात… भुरेरू बीट का बड़ा कुंड जलप्रपात… और सुनहरा बीट की ऊंची पहाड़ी पर स्थित समुद्र तल से 2063 फीट ऊंचा सिद्ध माता मंदिर… ये सब मिलकर बेगमगंज को प्राकृतिक पर्यटन का हॉटस्पॉट बना सकते हैं।
रेंजर अहिरवार ने इन स्थलों की आकर्षक तस्वीरें रेस्ट हाउस और ऑफिस में लगाई हैं, ताकि आने वाले पर्यटक इन्हें देखकर यहां घूमने की प्रेरणा ले सकें। उनका साफ कहना है – “हमें एफिल टावर की तस्वीरें लगाने की जरूरत नहीं… जब हमारे अपने इलाके में प्रकृति और संस्कृति की इतनी बड़ी धरोहर मौजूद है।”
जीपीएस सिस्टम से लोकेशन रीडिंग तक ली गई है और एसडीएम ऑफिस में भी तस्वीरें लगाई गई हैं, ताकि प्रशासनिक स्तर पर भी इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर जगह मिल सके।
“अगर यह प्रयास इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले दिनों में बेगमगंज न सिर्फ धार्मिक आस्था बल्कि प्राकृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।”