मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज के रहने वाले तीन युवक नर्मदा नदी के बुधनी घाट पर रविवार को सुबह 11 बजे के लगभग नहाने के दौरान डूब गए थे जिनमें से तोरण यादव को कस्ती वाले बचा लिया गया है। जबकि नीलेश साहू और योगेश साहू डूब गए थे। जिनकी तलाश एनडीआरएफ की टीम और पुलिस प्रशासन ने दूसरे दिन भी की थी मगर दोनों का कुछ पता नहीं चला।
दोनों युवाओं के परिजन दोस्त और शुभचिंतक तीन दिन तक नर्मदा नदी के किनारे ठहरे रहे ताकि कहीं पर युवकों का सुराग मिल सके।

मंगलवार की सुबह आंवली घाट पर एक युवक का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर शव को आवली घाट पर लेकर आए। जहां पर योगेश साहू और नीलेश साहू के परिजनों की पहचान कराई गई ,तो परिजन ने योगेश साहू पिता मुकेश साहू उम्र 22 वर्ष के रूप में शव की पहचान की। शव का रेहटी अस्पताल में पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजन को सुपुर्द कर दिया।
कुछ देर बाद पुलिस द्वारा दूसरे शव की सूचना मिलने पर परिजन बुधनी घाट से 4 किलोमीटर दूर दूसरे घाट पहुंचे तो उसकी पहचान निलेश के रूप में नहीं हो पाई वह कोई अन्य व्यक्ति का शव था जबकि नीलेश साहू के शव का तीसरे दिन भी कुछ पता नहीं चला है।

परिजन और शुभचिंतक शव को लेकर दीवानगंज आए तो सारा गांव गमगीन हो गया। घर पर रिश्तेदार सहित गांव के लोग इकट्ठा हो गए। शव को देखकर हर किसी की आंख से आंसू निकल आए। लोकेश की दोनों बहने मम्मी पापा सहित परिजनों का सबसे ज्यादा दुखी थे। दोनों बहने और पिताजी बार-बार कह रहे थे कि एक बार मेरे लाल का चेहरा दिखा दो, मगर शव स्थिति खराब होने के कारण ज्यादा देर तक शव को घर पर नहीं रखा गया।
जिस पिकअप से शव को लेकर दीवानगंज आए थे उसी पिकअप को शमशान घाट तक शव लेकर गए।
योगेश साहू की मम्मी और नीलेश साहू की मम्मी गम के मारे बार-बार बेहोश हो रही थी साथ ही योगेश के जीजा जितेंद्र साहू बेहोश हो गए। गांव वालों ने सभी को बामुश्किल समाला।