– दीवानगंज निवासी योगेश साहू और लोकेश साहू के दूसरे दिन भी नर्मदा नदी में नहीं चला पता
– एनडीआरएफ की टीम , परिजन और पुलिस लगातार तलाश में जुटी
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सीहोर जिले के बुधनी घाट पर दीवानगंज के रहने वाले तीन युवक नर्मदा नदी में रविवार को सुबह 11 बजे के लगभग डूब गए थे जिनमें से तोरण यादव को बचा लिया गया है। जबकि लोकेश साहू और योगेश साहू जिनकी तलाश नदी दूसरे दिन भी चली लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। रविवार को जब तीनों युवक डूब रहे थे तब वह पर रहने वाले देव माझी ने 400 से 500 मी दूर जाकर तोरण यादव को बचा लिया था।
देव माझी ने बताया कि तोरण यादव, लोकेश साहू और योगेश साहू नहाने के लिए नदी में उतरे थे। इतने में ही योगेश साहू और लोकेश साहू दोनों युवक नदी में बहने लगे तो तोरण यादव उनको बचाने के लिए नदी में गया तो वह भी नदी में डूबने लगा। तोरण यादव तैरना जानता था कुछ देर तक वह नदी में तैरता रहा। जब मैंने देखा कि एक व्यक्ति नदी में डूब रहा है और कुछ दूरी तक वह तैरता हुआ पहुंच गया है तो मैने वह पर पहुंच कर उसको बचा लिया। लेकिन लोकेश साहू और योगेश साहू को में नहीं बचा पाया क्योंकि नदी में डूबने के तुरंत बाद दोनों आंखों के सामने ओझल हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच कर देर शाम 6 बजे तक तलाशी करती रही लेकिन दोनों ही युवको का कहीं पता नहीं चला। रात में तलाश करना एनडीआरएफ की टीम ने बंद कर दिया था उसके दूसरे दिन सोमवार को भी टीम ने दोनों युवकों को खोजने के लिए रेस्क्यू किया लेकिन दूसरे दिन भी दोनों एक को कहीं पता नहीं चला।
हादसे की जानकारी लगते ही परिवार के सदस्य और उनके शुभचिंतक है। बुधनी घाट पहुंच गए थे जो दूसरे दिन भी वहीं पर रुके हुए हैं।
बुधनी घाट पर स्थित मोनू साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ नाव वालों के साथ बैठकर मैने भी 8 से10 किलोमीटर के दायरे में दोनों को ढूंढने की कोशिश की है मगर कहीं भी नजर नहीं आए हैं एनडीआरएफ की टीम भी 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में ढूंढने की कोशिश कर रही है मगर अभी तक दोनों युवकों का कहीं पता नहीं चला है। घटना की जानकारी मिलते ही दीवानगंज पर रिश्तेदार सगे संबंधी को आने का सिलसिला जारी है। दो दिनों तक युवकों का नहीं मिलने से घर के सदस्यों का धैर्य धीरे-धीरे जवाब दे रहा है। परिवार के सदस्यों को अभी भी आस लगी हुई है कि दोनों युवक सा कुशल घर वापसआ जाए।