मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
गुरुवार दोपहर 1बजे हलाली बांध का गेट बंद होते ही छोड़े गए पानी में बहकर आई मछलियों को पकड़ने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हाथों में जाल और टोकरे , डंडा लेकर ग्रामीण और स्थानीय लोग मछलियां पकड़ने पहुंच गए। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा की अपील करते हुए अनावश्यक भीड़ से बचने को कहा है। लेकिन जनता मानने ने को तैयार नहीं है।

सम्राट अशोक हलाली बांध का गेट दो दिनों तक खुले रहने के बाद गुरुवार दोपहर 1 बजे बंद कर दिया गया।
जलस्तर बढ़ने पर बांध का एक गेट खोलकर 45.46 क्यूमेक पानी छोड़ा गया था इसी पानी की तेज धारा में बांध के बैक वॉटर वाले हिस्से में मछलियां बहकर आ गईं और किनारों व निचले हिस्सों में फंस गईं। इन मछलियों को पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग पहुंच गए।

इससे पहले 4 सितंबर को हलाली डैम के दो गेट 0.50 मी खोलकर 2700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद 5 सितंबर को 3 नग गेट 0. 75 मी खोलकर 174.50 क्यूमेक पानी हलाली नदी में छोड़ गया था।