बालक की मौत के बाद झोलाछाप पर होनी चाहिए थी एफआईआर लेकिन क्लिनिक मिली चलती हुई, अब दोबारा से स्वास्थ्य विभाग को करना पड़ी सील
– स्वास्थ्य विभाग के आवेदन पर झोलाझाप पर एफआइआर नहीं हुई, टीम को फिर संचालित मिला क्लीनिक
– लोगों की जान से खिलवाड़ का मामला
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले में झोलाछाप डॉक्टर मनमानी पर उतारू हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिले के अमोलपठा में अवैध रूप से संचालित झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक पर 20 मई को एक बालक की गलत उपचार के कारण मौत हो गई थी इस बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस क्लिनिक को सील कर दिया था और पुलिस को पत्र लिखकर कर एफआईआर दर्ज करने के लिए सूचना दी थी लेकिन पुलिस ने इस झोलाझाप पर मेहरबानी बरती और कोई कार्रवाई झोलाछाप डॉक्टर पर नहीं की। इसके बाद झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी क्लिनिक फिर से खोल ली। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली तो इस क्लिनिक को फिर से सील किया गया है।
दूसरी बार करना पड़ा सील-
अमोलपठा में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वाले झोलाछाप पप्पू बघेल का क्लिनिक 20 मई को एक बालक की मौत के बाद भी नियम विरूद्व तरीके से चलता रहा। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अमले ने पप्पू बघेल की क्लीनिक को सील कर दिया और यह पाया कि वह बिना किसी चिकित्सकीय डिग्री के क्लीनिक संचालित कर रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि वह बिना चिकित्सकीय डिग्री के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर और लोगों का उपचार कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा है।
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली-
स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ संजय ऋषीश्वर ने बताया कि हमने पिछली बार भी पप्पू बघेल पर एफआइआर के लिए आवेदन अमोला थाने में दिया था, परंतु पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। हम एक बार फिर से पुलिस को आवेदन देंगे ताकि उस पर एफआइआर दर्ज हो सके। वहीं दूसरी ओर अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने शिकायती आवेदन अमोलपठा चौकी पर दिया होगा, इसलिए मैं पूछकर ही यह बता पाऊंगा कि आखिर क्या कारण रहा कि झोलाछाप पर एफआइआर क्यों दर्ज नहीं की गई। अगर अब नियमानुसार शिकायत होगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।