देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
जनजातीय समुदायों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार लाने शुरू किया गया ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान‘‘
आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न।
आज जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत “आदि कर्मयोगी रेस्पॉसिव गर्वेनेंस प्रोग्राम विषय पर कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला बुधवार को सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने दीपप्रज्वलन कर किया।कार्यक्रम का आयोजन सांची गेटवे रिट्रीट होटल में आयोजित हुआ।

प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रारंभ में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने जिला अधिकारियों से कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत जनजातीय समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। यह एक ऐसा अवसर हमें प्राप्त हुआ है जिसमें हम योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन कर अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुचाएंगे।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य जनजातीय कल्याण के लिए उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देना है, जिससे विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय परिवारों की समान भागीदारी हो। आदि कर्मयोगी अभियान में शासकीय अधिकारी आदि कर्मयोगी के रूप में शामिल होंगे। अभियान की मंशा को धरातल पर उतराने के लिए सभी को आगे बढ़कर कार्य करना होगा। उन्हें जिले की टीम की क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास है तथा सभी मिलकर यह कार्य पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए पूरे मनोयोग के साथ स्थानीय लोगों को भी जोड़कर कार्य करना होगा। इसमें मीडिया के सुझाव भी आमंत्रित हैं।

कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि ग्रामों में जिन हितग्राहियों तक हम नहीं पहुंच पाए, वहां तक पहुचेंगे तथा प्रत्येक हितग्राही को योजनाओं का लाभ मिले यह सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण एवं विकास हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ “आदि सहयोगियों” एवं “आदि साथियों” की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पीपीटी के माध्यम से भी अभियान के बारे में जानकारी दी गई।
आदिवासी अनुसंधान संस्थान भोपाल की सहायक अनुसंधान अधिकारी श्रीमती सारिका धोलपुरिया ने बताया कि आदि कर्मयोगी एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन तंत्र तथा सेवाओं को जनजातीय परिवारों के हित में मजबूत बनाया जाएगा। इस अभियान से जिला अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों का एक कैडर विकसित होगा। आदि कर्मयोगी अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, वन, पंचायती राज विभाग और जल जीवन मिशन शामिल हैं। यह अभियान केन्द्र से लेकर विकासखंड स्तर तक जनजातीय विकास के संपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगा। अभियान अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर अपेक्षित परिणामों में मुख्य रूप से महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे आवास, सड़क, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर उत्तरदायी समूह बनाए गए हैं।

प्रशिक्षण में सहायक कलेक्टर श्री कुलदीप पटेल द्वारा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा प्रशिक्षणार्थियों को एकजुट होकर सेवा, संकल्प एवं समर्पण के साथ योजनाबद्ध तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा जनजातीय वर्ग के उत्थान हेतु सकारात्मक परिवर्तन हेतु दृढ़ निश्चय से कार्य करने की शपथ दिलाई गई।भोज उपरांत कार्यक्रम का समापन हुआ।