स्वतंत्रता दिवस पर एक ही दिन में 233 LASIK सर्जरी, मरीजों को मिली चश्मे से आज़ादी
रजनी खेतान इंदौर
स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर स्थित आनंदम नेत्रालय ने चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया। नेत्रालय ने एक ही दिन में 233 मरीजों की LASIK (लेसिक) सर्जरी सफलतापूर्वक की और उन्हें चश्मे से मुक्ति दिलाई। यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है।
नेत्रालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित टीम ने अत्याधुनिक तकनीक के ज़रिये इन सर्जरी को अंजाम दिया। मरीजों और उनके परिजनों ने इसे “आजादी का सबसे बड़ा तोहफ़ा” करार दिया।
ऑपरेशन हेड अंजलि करला ने बताया, “233 ऑपरेशन एक ही दिन में पूरा करना किसी भी नेत्रालय के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमारी टीम की दक्षता और आधुनिक मशीनों की मदद से यह संभव हुआ। हम चाहते हैं कि भारत विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाओं में अग्रणी बने।”

बढ़ती चश्मे की समस्या, बड़ा कारण डिजिटल लाइफ़स्टाइल
विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर लंबे समय बिताने की वजह से आंखों की समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं। शोध बताते हैं कि 2030 तक हर दूसरा भारतीय व्यक्ति नज़दीक या दूर की नज़र से जुड़ी परेशानी का सामना कर सकता है।
इसी परिप्रेक्ष्य में LASIK सर्जरी को भविष्य का समाधान माना जा रहा है। आनंदम नेत्रालय जैसे केंद्र इस दिशा में अहम योगदान दे रहे हैं।

देशभर से पहुंचे मरीज
इस मेगा सर्जरी कैम्प में न सिर्फ़ इंदौर बल्कि भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रायपुर, नागपुर, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों से भी मरीज आए। सफल ऑपरेशन के बाद मरीजों ने कहा कि यह उनके लिए “जीवन बदल देने वाला अनुभव” है।
नई ऊँचाइयों की ओर भारतीय नेत्र चिकित्सा
चिकित्सा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह उपलब्धि भारतीय नेत्र चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह इवेंट लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में शामिल हो सकता है।