मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज सहित आसपास के गांवों में मौसम की बेरुखी से किसान परेशान हैं। 15 दिनों से बारिश नहीं होने से खेतों में बुआई की गई धान सहित अन्य फसल सूखने लगे हैं। वहीं पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी है। खेतों में नमी के अभाव में फासले सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। दीवानगंज क्षेत्र में 28 जुलाई को बारिश हुई थी इसके बाद से अब तक बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। 15 दिन पहले बारिश होने के कारण किसान इस साल औसत से ज्यादा बारिश होने का अनुमान लगा रहे थे, जो अब निरर्थक साबित होती दिख रही है। मौसम अनुकूल नहीं रहने व तेज गरमी से लोग परेशान हैं। इसके चलते खेती में नुकसान होने का डर किसानों को सता रहा है।

बारिश नहीं होने से खेतों में लगी सफल सूखने लगी
किसानों का कहना है कि नमी के अभाव में खेतों में दरारें आना शुरू हो गया है। समय पर बारिश नहीं होने से धान के साथ सब्जियों के फसलों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
लगातार धूप से फसल को हो रहा नुकसान
लगातार धूप व बढ़ रहे तापमान के कारण खरीफ फसलों में कीट प्रकोप शुरू हो गया। वहीं मौसम विभाग ने अगस्त के दूसरे सप्ताह में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में फसलों में कीट प्रकोप और बढ़ेगा। साथ ही बढ़ते तापमान के कारण धान सहित मूंगफली और मूंग उड़द की फसल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इधर किसान दवाओं का छिडक़ाव कर फसलों को बचाने में लगे हैं, जिससे उनकी उपज लागत बढऩे लगी है। किसानों का कहना है कि अगर बीच-बीच में बारिश होती रहती तो फसलों में कीट व्याधि नहीं पनपते। लेकिन नमी कम होते ही फसले पीले पडऩे लगी और उनमें माहू और इल्ली का प्रकोप बढ़ गया।
खेतों में नमी कम होने से फटने लगी मिट्टी
बारिश थम जाने के कारण खेतों की नमी कम होने से वहां की मिट्टी फटने लगी है। सोयाबीन और अन्य फसल भी अब सूखने लगी है। जिन किसानों पास ट्यूबेल ,कुआं में पानी है वह फसले सूखने से बचा रहे हैं। किसान रात दिन एक कर फसल बचाने की कोशिश में जुटा है। इस साल समय पर बारिश शुरू होने से जिले में खरीफ सीजन की फसलों की शत-प्रतिशत बोवनी हुई है। लगभग 89 प्रतिशत धान की बोवनी की गई। लेकिन बारिश के लंबे ब्रेक से फसलों की अच्छी पैदावार पर संकट छा गया है।
इन किसानों का कहना हे
दीवानगंज क्षेत्र में बारिश नहीं हुए 15 दिन बीत गए हैं। अगर एक सप्ताह ऐसा ही मौसम रहा तो फसलें पूरी सूख जाएगी जिससे किसानों को काफी हानि पहुंचेगी।
गजेंद्र ठाकुर किसान स्थानीय निवासी अंबाडी
15 दिन पहले 24 घंटे लगातार बारिश होती रही। इसके बाद बारिश बंद हुई तो अब तक बारिश नहीं हुई। जिससे सोयाबीन ,धन सहित अन्य फैसले सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
निवास मीणा किसान निवासी बरजोरपुर