मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
पिछले 10 दिनों से क्षेत्र का किसान झमाझम बारिश का इंतजार करते करते बेहाल हो गया है। क्षेत्र में 10 दिनों से बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इस समय क्षेत्र में उमस और गर्मी पड़ रही है। रात में धान के गड़े भरते हैं सुबह खाली हो जाते हैं। फसलों को सूखे से बचाने के लिए किसान वैकल्पिक साधनों से सिंचाई कर फसलों को बर्बाद होने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

लेकिन इस समय अभी तक ट्यूबवेल और कुआं में इतना पानी उपलब्ध नहीं है कि धान की फसल को फायदा पहुंचा सके। क्योंकि किसानों को केवल 6 से 8 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है इतने कम घंटे में धान के गड़े नहीं भर सकते हैं। दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, नरखेड़ा, कुलहड़िया, सहित आसपास गांवों के किसानों ने कहा कि रोपाई के समय मानसून की सकारात्मक स्थिति देख काफी खुश थे। खुशी-खुशी खेतों में धान की रोपाई भी की थी। रोपाई के समय हुई बारिश ने सोने पर सुहागा का कार्य किया। लेकिन जुलाई के चौथे सप्ताह और अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश नही होने से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद टूट रही है। अगर एक या दो दिन में बारिश नहीं हुई तो धान की फसल पर असर पड़ना प्रारंभ हो जाएगा। क्षेत्र के किसानों ने कि पिछले कई सालों से अच्छा उत्पादन और उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पाने के कारण कर्ज बढ़ता जा रहा है।

10% किसानों की धान रोपाई अभी भी नहीं हो पाई है हालांकि क्षेत्र में 90% किसानों ने अपने खेत में धान और सोयाबीन लगा दिया है। कई किसानों ने धान तो रोप दी मगर पानी नहीं गिरने के कारण पीली पड़ने लगी है।
निवास मीना, आकाश साहू, सुरेश साहू, दिनेश साहू, जितेंद्र साहू, अमित मीणा ने कहा कि अब तो सब भगवान भरोसे ही है। अच्छी बारिश की उम्मीद में धान की रोपाई की थी। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने पर रोपाई ट्यूबवेल से पानी दे रहे थे। लेकिन बारिश न होने के चलते प्रतिदिन पानी देने के बाद भी फसल पीली पड़ गई है। अगर एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं होती है तो किसानों के लिए मुसीबत बढ़ जाएगी।
बता दे कि क्षेत्र में इस समय तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी पड़ रही है जो फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।