देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
सांची स्तूप पहाड़ी पर तेंदुए को देखे जाने की चर्चा तेज हो गई है ।इन दिनों क्षेत्र भर मे जंगली जानवरों के आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास पहुचने से हडकंप दिखाई देने लगा है ।
जानकारी के अनुसार इन दिनों क्षेत्र भर मे जंगली जानवरों का खतरा बढता ही जा रहा है लगातार जंगली जानवर जंगल छोड़ आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचते दिखाई देने लगे हैं ऐसा ही मामला तब सामने आया था जब गुलगांव क्षेत्र में एक तेंदुआ खेत की तारफैंग्सिग मे फंस गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी इसके अलावा कुछ महीने पहले ही दीवानगंज क्षेत्र के नरखेडा गांव के निकट पहाड़ी पर दो शेरों को देखा गया था जिससे क्षेत्र भर मैं हडकंप मच गया था तथा क्षेत्र भर मे भय व्याप्त हो गया था सुबह सुबह स्तूप परिसर जाने वाले सीढी मार्ग पर एक एक तेंदुआ होने की खबर फैलने से हडकंप मच गया ।तथा स्तूप परिसर क्षेत्र घना जंगल क्षेत्र होने के कारण सीढी वाले मार्ग पर कुछ लोगों को तेंदुआ दिखाई दिया स्तूप परिसर में तेंदुआ दिखने से हडकंप मच गया है तेंदुआ देखने की खबर नगर में आग की तरह फैल गई तथा लोगों मैं चर्चा होने लगी ।स्तूप परिसर बारिश के कारण हराभरा एवं घना हो गया है यहां स्थित ढाई हजार साल प्राचीन यहां की धरोहरों एवं कलाकृतियों को निहारने बडी संख्या में देशी विदेशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है इसके साथ ही शाम होते ही लाइट साउंड सिस्टम शुरू हो जाता हैं इसका भी लोग बडी संख्या में आनंद उठाने लोग पहुचते हैं ।इस स्थिति में स्तूप क्षेत्र में तेंदुए के पहुचने से भय का वातावरण बनता दिखाई देने लगा है ।इतना ही नहीं स्तूप परिसर क्षेत्र मे चौबीस घंटे पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों एवं सुरक्षा गार्डों की तैनाती रहती हैं तब तेंदुए के भय से लोग सकते में आ गए है इस परिसर में न केवल पुरुषों बल्कि महिलाओं बच्चों की संख्या भी खासी रहती हैं ।स्तूप परिसर के आसपास क्षेत्र में रियायशी क्षेत्र होने से रहवासियों मे भी भय बढ गया है इसके पहले भी कुछ वर्ष पहले भी इस स्तूप परिसर में तेंदुए की खबरें मिल चुकी हैं । अब एक बार फिर स्तूप परिसर मे तेंदुआ होने की खबर से भय बढ गया है इस मामले में स्तूप परिसर मे कर्मचारियों ने बताया कि सूचना तो मिली है परन्तु कहीं कोई फोटो दिखाई नहीं दी है तब तेदुये की आशंका होने से कर्मचारियों सहित यहां पहु्ंचने वालों में भय बढने लगा है ।इस मामले में जब वनक्षेत्राधिकारी सर्जन सिंह मीना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे पास स्तूप प्रशासन से कोई सूचना नहीं मिली है फिर भी हम दिखवा लेते है ।
बहरहाल जब जंगली खतरनाक जानवर क्षेत्र में आ जाते है तथा इस ओर सबंधित अधिकारी ऐसे मामले गंभीरता से नहीं लेते हैं तथा प्रशासन किसी घटना घटित होने का इंतजार करता है ।