विजी लवानिया गौहरगंज, रायसेन
जेल का खाना व रहना बहुत जटिल है परन्तु उससे परेशान होकर कोई अपने जीवन का अंत कर ले यह समझ से परे है। जेल में इतना पहरा होना साथ ही हर पल सिर्फ कैदीयों पर नज़र रखना जेल प्रशासन की ज़िम्मेदारी है, जिसकी तन्खवा सरकार उन्हें हर महीने देती है। जेल में कैदियों को आमतौर पर दाल, रोटी, चावल और सब्जियां दी जाती हैं। कुछ जेलों में, विशेष अवसरों पर या रविवार को, कढ़ी या राजमा जैसे विशेष भोजन भी दिए जाते हैं। कैदियों को आमतौर पर दिन में दो बार खाना मिलता है। कुछ जेलों में, कैंटीन की सुविधा भी होती है जहाँ कैदी अपनी पसंद का अतिरिक्त भोजन खरीद सकते हैं। इन सब से परे गौहरगंज उप जेल कि रसोई में सजा काट रहे कैदी की फांसी लगाकर मौत हो गई। गौहरगंज उप जेल में 22 वर्षीय बलात्कार पास्को एक्ट में सजा काट रहे कैदी ने खुदको शुक्रवार शाम 05 से छ: बजे फांसी लगा ली।

प्राप्त जानकरी के अनुसार मृतक ने पहनने वाले लोवर से फांसी का फंदा बनाकर किचन में, सिलेंडर पर खड़े होकर फंदे पर झूल गया। मृतक तिलक साक्या (22) विगत आठ माह से जेल में बंद था। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाऐ हैं, 12 हज़ार रुपय की रिश्वत एवं 13 टायर वाली कुर्सीयों की मांग की गई थी। परिजनों के मुताबिक जेल में मुलाकात के दौरान तिलक ने बताया था कि उसके साथ पैसों को लेकर मारपीट की जा रही है। बता दें कि मृतक छः बहनो में एकलौता भाई था। पुलिस ने पंचनामा बनाकर बॉडी का पोस्टमार्टम कर मृतक का शरीर परिजनों को सौंप दिया। जाँच करने गौहरगंज न्यायाधीश के सामने पोस्टमार्टम हुआ, विडिओग्राफ़ी एवं कागज़ी कार्यवाही की गई।
वर्जन शीला सुराणा एसडीओपी ओबेदुल्लागंज
इनका कहना हे
“जो भी आरोप हैं वह निराधार हैं। हमने किसी तरह की कोई पैसों एवं अन्य किसी तरह की मांग नहीं की गई।”
यशवंत शिल्पकार,जैलर गौहरगंज
क्या कहते हे परिजन सुनिए