– किसान जागृति संगठन ने कहा कृषि विभाग के अधिकारी भी इस कारोबार में शामिल
रायसेन।किसान जागृति संगठन ने रायसेन में नकली खाद बिक्री मामले में कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हे। संगठन ने 24 जुलाई को जिला मुख्यालय के समीप ग्राम बागौद में 93 बोरी डीएपी खाद जप्त मामले को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों पर नकली खाद विक्रेताओं से मिली भगत के आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की हे।
किसान जागृति संगठन के प्रमुख इरफान जाफरी ने आरोप लगाया हे कि 24 जुलाई को रायसेन जिले का गांव बागौद में किसानो की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई कर 93 बोरी डीएपी खाद जप्त की थी यह कार्रवाई रायसेन एसडीएम मुकेश कुमार के नेतृत्व में की गई थी जिससे कुषि विभाग का अमला शामिल था दिनांक 24 जुलाई को ग्राम बागौद से ट्रक को जप्त कर सलामतपुर थाने में भेज दिया गया था किसानों ने संपूर्ण जानकारी जाँच करने पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारियों को दे दी गई थी किस जगह पर गोदाम है और कौन-कौन लोग इस में शामिल है।
25 जुलाई को किसान जागृति संगठन ने संदेह व्यक्त किया था कि नकली खाद के व्यापार मे कृषि विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से चल रहा है 29 जुलाई को पुलिस ने भोपाल में जब छापेमारी की गई खाद के नकली कारोबार करने वाले सारा सामान लेकर भाग गए थे। रायसेन उपसंचालक केपी भगत ने भोपाल संचालक सुमन प्रसाद को पत्र नहीं लिखा सलामतपुर थाने प्रभारी ने अपने कथन में कहा कि उनको भोपाल में कोई भी कृषि अमला प्राप्त नहीं हुआ,घटना के 5 दिन बाद भी कृषि विभाग क्यों सोता रहा हे भोपाल मे तत्काल छापेमारी क्यों नहीं की गई नकली खाद बनाने अपना सारा सामान लेकर रफू चक्कर हो गए इस पूरे इस पूरे घटनाक्रम में कृषि विभाग के उपसंचालक केपी भगत भोपाल और संचालक सुमन प्रसाद की कार्यप्रणाली पर संदेह में है प्रश्न यह हे रायसेन उपसंचालक केपी भगत ने भोपाल उपसंचालक को मोबाईल पर घटनाक्रम से अवगत क्यों नही कराया भोपाल उपसंचालक सुमन प्रसाद पत्र का इंतेज़ार क्यों कर रही थी वर्तमान मे भोपाल उपसंचालक के पास भोपाल संभाग संयुक्त संचालक का प्रभार भी हे,पूरे घटनाक्रम से प्रतीत होता हे की नकली खाद के माफिया से कुषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत हे ।
किसान जागृति संगठन प्रमुख इरफान जाफरी ने सरकार से मांग की है रायसेन उपसंचालक केपी भगत भोपाल उपसंचालक सुमन प्रसाद के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाहीकी जाए जिससे माफिया और कृषि विभाग केअधिकारियों के संबंधों का उजागर हो सके ।