नशे से दूरी है जरूरी
शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा नशे से है दूरी जरूरी और कार्यक्रम 15 जुलाई से 30 जुलाई तक के लिए विभिन्न क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
आज कार्यक्रम शासकीय अनुसूचित जाति बालक एवं कन्या उत्कृष्ट सीनियर छात्रावासों में डॉ. भीमराव आंबेडकर के संकल्प कि जीवन लंबा होने की जगह महान होना चाहिए । समाज तभी तरक्की कर सकता है जब समाज के लोग शिक्षित होकर नशा एवं जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहे ताकि पीढियां तरक्की कर सकें इस थीम पर ही आज कार्यशाला आयोजित हुई।
थाना प्रभारी राजीव उइके एवं कन्या छात्रावास की अधीक्षक श्रीमती रुक्मिणी देवी शाक्यवार एवं बालक छात्रावास के अधीक्षक परसराम अहिरवार ने अपने -अपने उद्बोधन में छात्रावास की छात्राओं एवं छात्रों को समझाइए देते हुए कहाकि परिवार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बेटी एवं मां होती है ओर भावी युवा पीढ़ी जोकि परिवार के पुरुष सदस्यों की मार्गदर्शन होकर उनके जीवन पर विशेष प्रभाव डालती है । इसलिए आपको चाहिए कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को एवं पास -पड़ोस के लोगों को नशामुक्ति की दिशा में अथक प्रयास करते हुए हर प्रकार के नशे से दूर रहने की समझाईश देकर उन्हें उनके आराध्य की शपथ दिलाएं कि जीवन में वह कभी भी किसी प्रकार का नशा नहीं करेंगे ताकि उनके जीवन में एवं उनके परिवार में सुख शांति रहे क्योंकि नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हुए हैं। यहां तक की नशा करने वाले लोगों एवं युवाओं द्वारा मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या जैसे घातक कदम भी उठाने पड़े हैं।
किसी भी परिवार की कोई भी महिला नहीं चाहती के उनके परिवार का मुखिया या सदस्य नशे जैसे घातक पदार्थ का उपयोग करके घर की शांति को भंग करें।

बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर भी इसके सख्त खिलाफ थे जिन्होंने नशे को दलित समाज की सबसे कमजोर कड़ी बताते हुए कहा था कि मदहोश इंसान की बुद्धि काम करना बंद कर देती है तो वो शिथिल होकर जीवन बर्बाद कर लेता है।इसलिए जीवन में अच्छे पद पाने और देश व समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए नशे से दूरी बेहद जरूरी है।
अंत में कन्या छात्रावास की 50 छात्राओं एवं बालक छात्रावास के 50 छात्रों को थाना प्रभारी राजीव उइके , कन्या छात्रावास अधीक्षक श्रीमती रुक्मिणी देवी शाक्यवार , बालक छात्रावास अधीक्षक परसराम अहिरवार एवं एएसआई मनकर अहाके की मौजूदगी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के समन्वयक सुभाष रैकवार के द्वारा नशे से तौबा की शपथ दिलाई ।
इस अवसर पर छात्र – छात्राओं द्वारा संकल्प लेते हुए कहाकि डॉ. आंबेडकर जी के विचारों एवं संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए वह स्वंय ओर अपने परिवार के किसी भी सदस्य को शराब , गांजा अथवा किसी भी प्रकार का नशा ना करेंगे और ना ही किसी को करने देंगे।