– शराब के नशे में धुत्त होकर देते हैं धमकी, झूठी अफवाह फैलाकर सीएम का नाम घसीट रहे दबंग
असलम खान सिराली हरदा
क्षेत्र के प्रमुख वेयरहाउस सुल्तानपुर में इन दिनों दबंगों का बोलबाला है। यह वेयरहाउस जहां पर विभिन्न सोसायटियों के किसान अपनी उपज लेकर आते हैं, वह अब गुंडागर्दी और दहशतगर्दी का अड्डा बनता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि कुछ स्थानीय दबंगों ने यहां अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, जो शराब के नशे में धुत्त होकर किसानों, हम्मालों और मजदूरों को डराते धमकाते हैं। किसानों के अनुसार वे मूंग जैसी उपज लेकर जब भी वेयरहाउस आते हैं, तो उन्हें दबंगों की अभद्र भाषा, अपमानजनक व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ता है। कई मजदूरों ने बताया कि शराब पीकर दबंग खुलेआम धमकी देते हैं और खुद को मुख्यमंत्री मोहन यादव का रिश्तेदार बताकर अपना रसूख दिखाते हैं।
झूठी रिश्तेदारी का सहारा लेकर फैला रहे डर
सबसे गंभीर बात यह है कि ये दबंग एक झूठी अफवाह के जरिए लोगों को डराने का काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की शादी हाल ही में रोलगांव से हुई है और चूंकि सुल्तानपुर समीपस्थ क्षेत्र है, इसीलिए दबंग खुद को मुख्यमंत्री का समधी बताकर अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह पूरी तरह से झूठी और भ्रामक जानकारी है, लेकिन

ग्रामीण क्षेत्र में इसे लेकर भय का वातावरण बना हुआ है
किसानों और मजदूरों का कहना है कि डर के कारण कोई भी खुलकर इन दबंगों के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है। जो भी आवाज उठाता है, उसे धमकाया जाता है और कहा जाता है कि हम सीएम साहब के खास हैं, तुम्हें देख लेंगे।
प्रशासन बना मूकदर्शक
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय अधिकारी दबंगों की दबिश और नाम का डर देखकर खामोश बने हुए हैं। इससे दबंगों के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि कई बार उनकी उपज की तौल और रखवाली में भी दखल दिया जाता है। मजदूरों को बेवजह काम से रोका जाता है या डराया-धमकाया जाता है, जिससे उनका रोजगार भी प्रभावित हो रहा है।
न्याय की मांग, जांच की दरकार
सुल्तानपुर क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और किसानों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का नाम लेकर डर फैलाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला कार्य है। प्रशासन को तुरंत इस पर संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यदि समय रहते इस मामले को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में किसान आंदोलन और क्षेत्रीय अशांति की स्थिति बन सकती है। वेयरहाउस को गुंडागर्दी से मुक्त कराना अब प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।