मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
फसलों के लिए ग्रहण बन चुके आवारा पशुओं ने किसानों का सुख चैन छीन लिया है। इस गंभीर समस्या के निदान के लिए सरकार द्वारा गोशाला खुलने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकल सका है। रबी की फसल के वक्त किसान आवारा पशुओं की धमा चौकड़ी से तंग हैं। निराश किसान स्वयं दिन रात एक कर पहरेदारी करने के लिए मजबूर हैं। । किसानों के लिए आवारा पशु मुसीबत बन गए हैं। आवारा मवेशियों का झुंड फसलों को चौपट कर रहा है। जीतोड़ मेहनत से लगाई गयी फसलों पर कभी वनरोज हमला करते हैं तो कभी गाय, बैलों का झुंड फसल चर जाता है।
लाखों रुपये खर्च कर गोशाला का निर्माण कराया जाता है। मगर इससे भी किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ है। फैक्ट्री चौराहे दीवानगंज,बालमपुर चौराहे , बेरखेड़ी चौराहा पर हमेशा आवारा पशु घूमते रहते हैं। इन आवारा मवेशियों का झुंड जिधर जाता है, उसी तरफ किसान की फसल को नष्ट कर देते हैं। ग्राम पंचायत दीवानगंज, अंबाडी, कुलहड़िया,सेमरा के किसानों के लिएआवारा गौवंश मुसीबत बनते जा रहे हैं। यह खड़ी फसलों को देखते ही देखते चट कर जाते हैं। आलम यह है की रात भर किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसके बावजूद भी आवारा पशु खेत में घुस जाते हैं। इस समय गेंहू, चना ,मटर और सरसों सहित कई फसल किसानों ने खेतों में लगाई है। लेकिन आवारा पशु बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
भोपाल विदिशा हाईवे 18 के किनारे दीवानगंज, कुलहड़िया,बरखेड़ी, बालमपुर, देहरी , लंबाखेड़ा,सहित कई गांव बसे है। आसपास के गांव के लोग आवारा और असहाय गौवंश से परेशान है। जिसका खामियाजा गांव के किसानों को उठाना पड़ रहा है। गांव में करीब दो सैंकड़ा से अधिक गौवंश विचरण कर रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर न�