सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
ज़िले की गैरतगंज तहसील के ग्राम पंचायत जुझारपुर स्थित जुझारपुर जलाशय का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिससे जलस्तर, जलापूर्ति सहित मवेशियों व जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण आसन्न जलसंकट से परेशान हैं। ग्रामीणों ने अवैध रूप से जल दोहन की शिकायत करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।
जुझारपुर गांव के अनेक लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है कि कुछ प्रभावशाली लोग, जो नहर समिति के सदस्य भी नहीं हैं, अवैध रूप से मोटर पंप लगाकर तालाब का पानी खींच रहे हैं तथा जल का अवैध दोहन किया जा रहा है। जिससे जलाशय का पानी खत्म होने की कगार पर पहुंच रहा है। इस पर प्रशासन तत्काल कार्यवाही कर रोक लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का पानी खेती और पेयजल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन अवैध मोटर पंपों के माध्यम से बड़े पैमाने पर पानी की चोरी हो रही है। तालाब में पानी की कमी के कारण मवेशियों और जंगली जानवरों को अपनी प्यास बुझाने में भी परेशानी हो रही है। इसके अलावा क्षेत्र का जलस्तर कम हो रहा है व जलापूर्ति की परेशानी हो रही है
वहीं तालाब के सूखने का असर गांव के पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण आस-पास की हरियाली सूख रही है, जिससे जैव विविधता को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मृत जानवरों के शव तालाब में डाल दिए जाते हैं, जिससे पानी और पर्यावरण प्रदूषित हो रहे हैं। तालाब के जलस्तर में गिरावट के कारण गर्मियों में पानी की समस्या और विकराल रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण प्रदीप राजपूत, धनपाल लोधी, मनोज लोधी, मनदीप सेन, कंछेदी लोधी, राजा राय, अंकित गुर्जर, अभिषेक लोधी सहित अन्य लोगों ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप – हर साल सौंपा जाता है ज्ञापन, फिर भी अधिकारी मौन
ग्राम पंचायत जुझारपुर के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन को हर साल अवैध जल दोहन के मुद्दे पर ज्ञापन देकर समस्या निवारण की मांग की जाती है परंतु कोई कार्यवाही नहीं होती है। पुनः कार्यवाही की आशा में एसडीएम को इस गंभीर समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अवैध रूप से लगे मोटर पंप तुरंत हटाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, वन, सिंचाई, मत्स्य एवं जल आपूर्ति विभाग आपसी समन्वय से तालाब के जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं, तालाब की सुरक्षा एवं सफाई के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, पानी के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी प्रशासन ने अनदेखी की, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।