– गढ़ी में श्रीमद्भागवत कथा में हुए प्रवचन
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
मानव जीवन में धर्म और कर्म का समन्वय होना आवश्यक है। धर्म के साथ साथ जीवन में सत्कर्म भी करना चाहिए इसी से व्यक्ति का कल्याण होता है। राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव भी अपने भीतर जागृत करें।

यह बात गढ़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में विद्वान प्रवक्ता आचार्य कृष्णदत्त महाराज ने कही। उन्होंने आम जनमानस को समझाते हुए संदेश दिया कि समाज, देश और मानव सभ्यता का कल्याण धर्म और कर्म दोनों के समन्वय से ही संभव है। परस्पर एक दूसरे के प्रति सौहार्द , प्रेम की भावना के साथ ही यह भी आवश्यक है कि छोटे-बड़े, अपने पराए की भावनाओं से हटकर कार्य किया जावे। व्यक्ति जब धर्म के साथ सत्कर्म में लीन होता है तो उसके सौभाग्य का निर्माण होता है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।